By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 16, 2021
नयी दिल्ली। टाटा स्टील के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक टीवी नरेंद्रन ने कहा है कि इस्पात के दाम में वृद्धि से घरेलू बाजार में मांग पर असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ महीनों की तुलना में निश्चित रूप से स्टील के दाम बढ़े हैं लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार के मुकाबले दर अभी भी कम हैं। स्टील का उपयोग निर्माण, वाहन, उपभोक्ता सामान आदि क्षेत्रों मेंहोता है। ऐसे में दाम बढ़ने पर इन क्षेत्रों पर असर पड़ सकता है। नरेंद्रन ने पीटीआई-से कहा, ‘‘पिछले कुछ महीनों के मुकाबले निश्चित रूप से दाम तेज है लेकिन दुनिया के अन्य देशों की तुलना में यह अभी भी कम है। मुझे नहीं लगता कि इससे मांग पर असर पड़ना चाहिए।’’
भारत में स्टील के दाम इस सबसे उच्चतम स्तर पर हैं। मई 2021 में स्टील बनाने वाली कंपनियों ने हॉट रोल्ड कॉयल (एचआरसी) के दाम 4,000 रुपये बढ़ाकर 67,000 रुपये प्रति टन कर दिये। जबकि कोल्ड रोल्ड कॉयल (सीआरसी) की कीमत 4,500 रुपये बढ़ाकर 80,000 रुपये प्रति टन कर दी गयी है। एचआरसी और सीआरसी दोनों स्टील की चादरें हैं। इनका उपयोग वाहन, उपकरण और निर्माण क्षेत्रों में होता है। बहरहाल, विशेषज्ञों का कहना है कि स्टील के दाम बढ़ने से वाहन, उपभोक्ता सामान और निर्माण लागत पर असर पड़ेगा क्योंकि इन क्षेत्रों में कच्चे माल के रूप में इस्पात का उपयोग होता है।