By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 21, 2021
कुआलालंपुर। इस्माइल साबरी याकूब शनिवार को मलेशिया के नये प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे और इसके साथ ही देश में सबसे लंबे समय तक शासन करने वाली पार्टी की सत्ता में वापसी होगी। प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद याकूब के सामने सबसे बड़ी चुनौती ध्रुवीकृत समाज को एकजुट करने और महामारी के कारण लगातार बिगड़ते हालात के बीच अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की होगी। प्रधानमंत्री मुहिद्दीन यासिन के कार्यकाल में याकूब उपप्रधानमंत्री थे। गठबंधन में आपसी झगड़े के कारण बहुमत खो देने के बाद यासिन ने सोमवार को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। वह 18 महीने से भी कम समय तक इस पद पर रहे।
मलेशिया के नॉटिंघम विश्वविद्यालय में दक्षिण-पूर्व एशिया के विशेषज्ञ ब्रिगेट वेल्स ने कहा, ‘‘मलेशिया को नया प्रधानमंत्री मिला है, लेकिन राजनीति और नेता दोनों पुराने हैं। यह फिर से अतीत की ओर लौट रहा है: यूएमएनओ के पास प्रधानमंत्री का पद है और वह 2018 में भ्रष्टाचार के कारण सत्ता से बाहर किए जाने के बावजूद जोड़-तोड़ से सत्ता में वापसी करने में कामयाब रही है।