By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 21, 2026
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने बुधवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से अपने ‘पथ संचलन’ कार्यक्रम के लिए औपचारिक अनुमति लेने का आग्रह करते हुए कहा कि उसे भी किसी अन्य संगठन की तरह कानून का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस आरएसएस के इशारों पर काम करने के लिए बाध्य नहीं है और पुलिस से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह बस संगठन के निर्देशों का पालन करे। मंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘पुलिस विभाग आरएसएस का सेवक नहीं है।
प्रियंक ने आरएसएस की 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि संगठन ने कर्नाटक में 562 पथ संचलन आयोजित किए, जिनमें 2,21,963 लोगों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी वाले कई पथ संचलन एक साथ आयोजित करने के लिए पुलिस की व्यापक तैनाती, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य जरूरी तैयारियां करनी पड़ती हैं। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की ‘सत्ता परिवर्तन’ संबंधी टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंक ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया से समझौता किया गया है।
उन्होंने सवाल किया कि ऐसी परिस्थितियों में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद कैसे की जा सकती है।