By रेनू तिवारी | Feb 16, 2026
कर्नाटक सरकार के कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रियंक खरगे ने रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खरगे ने आरएसएस की कार्यप्रणाली, उनकी देशभक्ति और विशेष रूप से उनके वित्तीय लेन-देन पर सवाल खड़े किए।
यहां एक कार्यक्रम में सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘इसके (आरएसएस के) पास 2,500 से अधिक संगठनों का नेटवर्क है, ये अमेरिका और इंग्लैंड से हैं। ये उनसे पैसे लेते हैं और मैं बता रहा हूं कि ये लोग धन शोधन में शामिल हैं।’’ आरएसएस को पैसा कहां से मिल रहा है और कैसे मिल रहा है, इस सवाल पर कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘वे चाहते हैं कि हम अच्छे नागरिक बनें, आयकर दें, लेकिन वे खुद स्वतंत्र रहना चाहते हैं। यह कैसे संभव है? हमें इस पर सवाल उठाना होगा।
प्रियंक खरगे के इस बयान से कर्नाटक सहित राष्ट्रीय राजनीति में एक नया विवाद खड़ा होने की संभावना है। जहाँ कांग्रेस अक्सर आरएसएस की विचारधारा पर हमला करती रही है, वहीं "मनी लॉन्ड्रिंग" जैसे सीधे वित्तीय आरोप इस टकराव को एक नए स्तर पर ले गए हैं। अब देखना यह होगा कि भाजपा और आरएसएस इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
नोट- यह खबर पीटीआई भाषा द्वारा प्रसारित की गयी है। लेखक ने इस जानकारी को केवल लेख के तौर पर कुछ शाब्दिक बदलाव के साथ प्रकाशित किया है-