प्रियंका ने संभाली रायबरेली-अमेठी की कमान, दो पूर्व मुख्यमंत्रियों को बनाया गया पर्यवेक्षक

By संजय सक्सेना | May 06, 2024

लखनऊ। कांग्रेस पार्टी अमेठी और रायबरेली की सीट हर हाल में अपने पास बनाए रखना चाहती है। इसके लिए दोनों ही सीटों पर प्रियंका गांधी अपनी 40 सदस्यीय टीम के साथ काम पर लगी हुई हैं। इसके तहत वह घर-घर में दस्तक देंगी और नुक्कड़ सभाएं करेंगी। वहीं, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अमेठी लोकसभा सीट पर व छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को रायबरेली सीट की जिम्मेदारी देते हुए पर्यवेक्षक तैनात किया है। रायबरेली सीट पर राहुल गांधी प्रत्याशी हैं जबकि अमेठी सीट पर गांधी परिवार के करीबी रहे किशोरी लाल शर्मा को उम्मीदवार बनाया गया है। लंबे समय तक चली रस्साकशी के बाद गांधी परिवार ने अंतिम दिन रायबरेली से राहुल गांधी और अमेठी से केएल शर्मा को चुनाव लड़ाने का फैसला लिया था। नामांकन के वक्त सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, राबर्ट वाड्रा ने भी राहुल के नामांकन में शामिल होकर एकजुटता का संदेश दिया था। इन दोनों सीटों की कमान प्रियंका गांधी को सौंपी गई है। पार्टी की ओर से अभी तक अधिकृत कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है, लेकिन प्रियंका गांधी की 40 सदस्यी टीम रायबरेली पहुंच गई है। यह टीम प्रियंका के चुनाव प्रचार की रणनीति तैयार कर रही।

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सूत्रों के मुताबिक प्रियंका रायबरेली और अमेठी के बूथवार निगरानी करेंगी। इसके लिए पार्टी की ओर से उनकी टीम को दोनों लोकसभा क्षेत्र की कमेटियों की सूची रविवार को सौंप दी गई है। प्रदेश मुख्यालय से सभी कमेटियों को अलर्ट रहने का भी संदेश दिया गया है। वह सोशल मीडिया अभियान पर भी नज़र रखेंगी। उनकी टीम में कई ऐसे विशेषज्ञ भी शामिल हैं, जो फ़ेसबुक, ट्विटर, इंट्राग्राम और व्हाट्स एप पर नजर रखते हुए उनके संचालन के लिए रणनीति तैयार करेंगे। यह रणनीति प्रियंका गांधी के निर्देश के तहत बनेगी। चुनाव के दौरान प्रियंका गांधी अलग-अलग संगठनों के लोगों से संवाद करेंगी। इसके लिए रायबरेली और अमेठी के विभिन्न सामाजिक संगठनों की सूची भी इकट्ठा की गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक प्रियंका गांधी रायबरेली से ही अन्य राज्यों में कुछ समय के लिए चुनाव प्रचार के लिए जा सकती हैं। वह यहां से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट जैसे नेताओं के निरंतर संपर्क में रहते हुए चुनाव अभियान का संचालन करेंगी।

पार्टी के रणनीतिकारों की मानें तो प्रियंका गांधी के रायबरेली में रुकने की कई वजह है। वह यहां रुककर रिश्तों की दुहाई देंगी और इसके जरिए सियासी धार को मजबूत करेंगी। ऐतिहासिक तथ्य देखें तो 1952 से 62 तक फिरोज गांधी, 1962 से 1967 तक आरपी सिंह और फिर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने यहां से रिश्ते मजबूत किए। बीच में एक दौर ऐसा भी आया कि पारिवारिक नजदीकी लोगों को रायबरेली की कमान मिली, लेकिन 1999 में सोनिया गांधी ने फिर इस क्षेत्र की कमान संभाल ली।

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