Kashmir में आतंक पर एक और बड़ा प्रहार, दो घुसपैठिये ठोंके गये, Pak Terrorists का साथ देने वाले तीन सरकारी कर्मचारी नौकरी से बर्खास्त

By नीरज कुमार दुबे | Jul 17, 2023

जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों और उनके समर्थकों के खिलाफ सुरक्षा बलों और प्रशासन का अभियान सफलता के साथ आगे बढ़ रहा है। कश्मीर में घुसपैठ का प्रयास करने वाले आतंकियों को ठोका जा रहा है तो दूसरी ओर आतंकियों के हमदर्दों की पहचान कर उन पर भी कार्रवाई की जा रही है।

जहां तक घुसपैठियों को ठोकने की बात है तो आपको बता दें कि सेना ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के पास घुसपैठ की एक कोशिश सोमवार को नाकाम करते हुए दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया। एक रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान के दौरान घुसपैठ की कोशिश नाकाम की गई। तलाश अभियान अब भी जारी है। व्हाइट नाइट कोर ने ट्वीट किया, ''पुंछ सेक्टर में ऑपरेशन बहादुर। पुंछ सेक्टर में बीती रात सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान के दौरान घुसपैठ की कोशिश नाकाम की गई। दो घुसपैठिए मारे गए।’’ हम आपको बता दें कि यह अभियान रविवार-सोमवार की दरमियानी रात को शुरू किया गया था।

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तीन सरकारी कर्मचारी बर्खास्त

दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर सरकार ने पाकिस्तानी आतंकवादी संगठनों के साथ काम करने, उनके लिए धन जुटाने तथा उनकी विचारधारा का प्रचार-प्रसार करने के आरोप में कश्मीर विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी, एक पुलिस कांस्टेबल तथा राजस्व सेवा के एक अधिकारी को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। इन कर्मचारियों की पहचान कश्मीर विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी फहीम असलम, राजस्व सेवा के अधिकारी मुरावत हुसैन मीर तथा जम्मू कश्मीर पुलिस कांस्टेबल अरशिद अहमद ठोकेर के तौर पर की गई है। अधिकारियों ने बताया कि इन लोगों को नौकरी से इसलिए बर्खास्त किया गया है क्योंकि इनके खिलाफ कई आरोप हैं जिनमें पाकिस्तानी आतंकवादी संगठनों के साथ काम करना, आतंकवादियों के आने जाने में उनकी मदद करना, उनके लिए धन जुटाना, उनकी विचारधारा का प्रचार-प्रसार करना तथा ‘अलगाववादी एजेंडे को आगे बढ़ाना’ आदि शामिल है।

सरकार ने संविधान की धारा 311 (2) (सी) के तहत इन तीन सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त किया है। जांच में पाया गया कि ‘‘वे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई तथा आतंकवादी संगठनों की तरफ से काम कर रहे थे’’ और इसके बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। अधिकारियों ने कहा कि असलम ‘‘एक कट्टर अलगाववादी है जो न केवल अलगाववादी विचारधारा का समर्थन करता है बल्कि कश्मीर घाटी में आतंकवादियों तथा आतंकवादी संगठनों का प्रमुख प्रचारक भी है।’’ अधिकारियों ने कहा कि असलम के कई सोशल मीडिया पोस्ट में देश के प्रति ‘‘उसकी नफरत दिखाई देती है।’’ वहीं असलम से इस संबंध में जब संपर्क किया गया तो उसने कहा कि उसे सेवा से बर्खास्त किए जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

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