By टीम प्रभासाक्षी | Feb 08, 2022
नयी दिल्ली | सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय की प्रोफेसर शांतिश्री धूलिपुडी पंडित को जेएनयू की नई कुलपति नियुक्त किया गया है। प्रोफेसर शांतिश्री धूलिपुडी पंडित जेएनयू की पहली महिला कुलपति होंगी। शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के वीसी के रूप में प्राेफेसर पंडित का कार्यकाल पांच साल की अवधि का होगा।
प्रोफेसर पंडित ने जेएनयू से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एमफिल और भारतीय संसद एवं विदेश नीति पर पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने अमेरिका की नामचीन कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी से सोशल वर्क में डिप्लोमा भी किया है। इसके अलावा इतिहास और सामाजिक मनोविज्ञान में बीए और एमए राजनीति विज्ञान प्रेसीडेंसी कॉलेज, मद्रास से किया है।
वहीं जेएनयू की कुलपति (वीसी) के रूप में शांतिश्री धूलिपुडी पंडित की नियुक्ति पर भाजपा सांसद वरुण गांधी ने कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह की ‘औसत दर्जे की नियुक्तियां हमारी मानव पूंजी और युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाती हैं।’ वरुण ने पदभार संभालने के बाद पंडित द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति को ट्विटर पर साझा किया और कहा कि यह ‘निरक्षरता’ का प्रदर्शन है। भाजपा सांसद ने कहा, ‘जेएनयू की नई वीसी की यह प्रेस विज्ञप्ति ‘निरक्षरता’ का प्रदर्शन है, जिसमें व्याकरण संबंधी अशुद्धियों की भरमार है।
इस तरह की औसत दर्जे की नियुक्तियां हमारी मानव पूंजी और हमारे युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने का काम करती हैं।’ केंद्र सरकार ने 59 वर्षीय पंडित को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की नई कुलपति नियुक्त किया है, जिससे वह इस विश्वविद्यालय में इस पद पर आसीन होने वाली पहली महिला बन गई हैं। पंडित जेएनयू की छात्रा रह चुकी हैं। उन्होंने यहां से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एमफिल के साथ-साथ पीएचडी की है।