By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 13, 2022
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने शुक्रवार को आतंकी समूहों से कथित संबंध के मामले में तीन सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया जिसमें कश्मीर विश्वविद्यालय का एक प्रोफेसर, एक शिक्षक और एक पुलिसकर्मी शामिल है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। संविधान के अनुच्छेद 311 (12)(सी) के तहत गठित समिति की सिफारिश पर तीनों को बर्खास्त किया गया। अनुच्छेद 311 (12)(सी) राज्य की सुरक्षा के हित में बिना जांच किये ही किसी व्यक्ति को बर्खास्त करने की अनुमति देता है। पिछल साल से अब तक जम्मू-कश्मीर में विशेष प्रावधान का इस्तेमाल करके बर्खास्त किये गये सरकारी कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है।
अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2011 से 2014 के दौरान आतंकवादियों के मारे जाने पर पंडित पथराव कराने और हिंसक विरोध प्रदर्शन आयोजित कराने में शामिल रहा है। लेकिन वर्ष 2015 में पंडित कश्मीर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ का एक कार्यकारी सदस्य बन गया। अधिकारियों ने बताया कि उसने इस पद का इस्तेमाल विद्यार्थियों में अलगाववाद को बढ़ावा देने के लिए किया। इसी तरह सरकारी विद्यालय का शिक्षक हाजम भी लोगों को आतंकवाद के लिए उकसाता था। अधिकारियों ने बताया कि हाजम उस भीड़ का हिस्सा था, जिसने सोगम में एक पुलिस थाने और अन्य सरकारी भवनों पर हमला कर दिया था। इसके अलावा वह शिक्षक होने के बावजूद हमेशा आतंकी गतिविधियों में शामिल रहता था। पुलिसकर्मी रसूल आतंकवादियों के भूमिगत समर्थक के रूप में कार्य कर रहा था। वह आतंकियों और उनके समर्थकों को आतंकवादरोधी अभियानों के बारे में सूचना देने का भी काम करता था। रसूल हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी मुश्ताक अहमद उर्फ औरंगजेब के भी संपर्क में था, जो अब पाकिस्तान जा चुका है।