By नीरज कुमार दुबे | May 23, 2025
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने देश के उन दुश्मनों के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है जो हिंदुस्तानी धरती पर रहते हुए पाकिस्तान के लिए काम कर रहे हैं। हम आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) एक अभियान चला कर पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहे लोगों की धरपकड़ कर रही है। इस कड़ी में कुछ महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां हुई हैं जिनमें वाराणसी का एक 45 वर्षीय निवासी तुफैल आलम प्रमुख है। उसको पाकिस्तान प्रायोजित नेटवर्क के लिए जासूसी करने और भारत की संप्रभुता व आंतरिक सुरक्षा को अस्थिर करने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि आरोपी तुफैल आलम को आदमपुर इलाके से गिरफ्तार किया गया। एटीएस अधिकारियों के अनुसार तुफैल ने पाकिस्तान समर्थित संगठन द्वारा संचालित कई व्हाट्सएप ग्रुपों में शामिल होकर भारत की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तानी संपर्कों के साथ साझा की। अधिकारियों ने बताया कि जांच में खुलासा हुआ कि तुफैल कई पाकिस्तानी नागरिकों, जिनमें प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक के सदस्य भी शामिल हैं, के संपर्क में था।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के नोएडा से हारून नामक शख्स को गिरफ्तार किया गया है। इस संदर्भ में एटीएस अधिकारियों ने एक प्रेस नोट साझा करते हुए बताया कि गौतमबुद्ध नगर से गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान मोहम्मद हारून (45) निवासी सीलमपुर, दिल्ली के रूप में हुई है। वह पाकिस्तान उच्चायोग नई दिल्ली में कूटनीतिक आड़ में कार्यरत पाकिस्तानी आईएसआई एजेंट 'मुज़म्मिल हुसैन' के साथ संवेदनशील जानकारी साझा कर रहा था। हम आपको बता दें कि मुज़म्मिल हुसैन को बुधवार को "persona non grata" घोषित कर भारत छोड़ने का आदेश दिया गया था। एक वरिष्ठ एटीएस अधिकारी ने बताया कि मोहम्मद हारून जो कबाड़ के कारोबार में शामिल था, वह पाकिस्तान में अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए वीज़ा प्राप्त करने की कोशिश के दौरान मुज़म्मिल हुसैन के संपर्क में आया था। इसके बाद वह मुज़म्मिल का एजेंट बन गया और पैसे के बदले वीज़ा प्रक्रिया में मदद के लिए उसे ग्राहक उपलब्ध कराने लगा। उन्होंने कहा कि बाद में हारून मुज़म्मिल हुसैन के निर्देश पर उसी पैसे को विभिन्न लोगों को ट्रांसफर भी करता था। वह राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी सीधे साझा करता था।