दिल्ली में कर्नाटक के कांग्रेस नेताओं का प्रदर्शन, सिद्धारमैया ने केंद्र सरकार पर लगाया बड़ा आरोप

By अंकित सिंह | Feb 07, 2024

कम कर हस्तांतरण और गैर-आनुपातिक संसाधन वितरण जैसे मुद्दों को लेकर आज केंद्रीय नेतृत्व के खिलाफ कर्नाटक कांग्रेस के नेताओं द्वारा दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'चलो दिल्ली' विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। विरोध प्रदर्शन पर कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि हमें उम्मीद है कि सरकार हमारा विरोध सुनेगी और हमारा मुख्य इरादा राज्य और कन्नड़ लोगों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि जहां तक ​​टैक्स कलेक्शन की बात है तो कर्नाटक दूसरे नंबर पर है, महाराष्ट्र नंबर एक पर है। दरअसल इस साल कर्नाटक टैक्स के रूप में 4.30 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का योगदान दे रहा है...अगर हम टैक्स के रूप में 100 रुपए इकट्ठा करते हैं और इसे भारत सरकार को देते हैं, तो हमें केवल 12-13 रुपए ही वापस मिल रहे हैं। 

इसे भी पढ़ें: देखें कौन है Justice P S Dinesh Kumar, जिन्होंने ली है कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की शपथ

कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि हम करों के हस्तांतरण, सूखा राहत राशि जो प्रदान नहीं की गई है, पर कन्नडिगाओं के हितों की रक्षा के लिए यहां हैं। उन्होंने कहा कि यहां चार-पांच मांगें हैं. करों का बंटवारा, हमें सूखा राहत राशि नहीं मिल रही...केंद्र को समझना चाहिए कि कर्नाटक एक आर्थिक महाशक्ति है। इससे पहले कर्नाटक सरकार ने केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी के मुद्दे पर केंद्र को घेरा है। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने सोमवार को कहा कि केंद्रीय अनुदान में कमी के कारण 15वें वित्त आयोग के तहत पांच साल के दौरान राज्य को कुल 1.87 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने इस विसंगति को दूर करने का आग्रह किया। साथ ही, मुख्यमंत्री ने यह साफ किया कि वह या उनकी सरकार‘गरीब’ या विकास में पिछड़े उत्तरी राज्यों को अधिक धन देने के खिलाफ नहीं है।

प्रमुख खबरें

Malviya Nagar Hotel Fire: 22 मौतों के मामले में लवकेश बजाज समेत 3 आरोपियों की बढ़ी Judicial Custody

Gaza जंग के बीच UAE के फील्ड हॉस्पिटल पहुंचा UN का OCHA डेलिगेशन, मेडिकल सेवाओं का लिया जायजा

PM Modi का Indonesia दौरा: Act East Policy को मिलेगी धार, दुनिया को जाएगा बड़ा संदेश

जनाजे में पहली बार एक साथ दिखे खामनेई के तीन बेटे, पढ़ी नमाज, मोजतबा आखिर कहां हैं?