By अनन्या मिश्रा | Aug 26, 2026
किडनी हमारे शरीर का एक बेहद जरूरी अंग है। यह ब्लड को साफ करने, शरीर से अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकालने और पानी व मिनरल्स का संतुलन बनाए रखना का काम करती है। लेकिन अनहेल्दी डाइट, डायबिटीज, अनियंत्रित ब्लड प्रेशर और गलत लाइफस्टाइल की वजह से धीरे-धीरे किडनी कमजोर होने लग सकती है। हालांकि शुरूआती दौर में किडनी की समस्या आसानी से पहचान में नहीं आती है। क्योंकि इसके लक्षण काफी सामान्य लग सकते हैं।
अगर सुबह उठने के बाद आपके चेहरे या आंखों के नीचे सूजन आदि दिखती है, तो यह किडनी की कार्यक्षमता में कमी का संकेत हो सकता है। जब किडनी सही तरीके से काम नहीं कर पाती है, तो यह सही तरीके से एक्स्ट्रा पानी और नमक बाहर नहीं निकाल पाती। जिस कारण शरीर में तरल जमा होने लगता है।
किडनी के अस्वस्थ होने पर पेशाब करने की आदत में बदलाव आ सकता है। रात में ज्यादा पेशाब आना, बार-बार पेशाब महसूस होना, पेशाब में झाग या रंग में बदलाव होना जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
जब किडनी कमजोर हो जाती है, तो आपके शरीर में विषैले पदार्थ एकत्र होने लगते हैं। जिस कारण कमजोरी, थकान और ऊर्जा की कमी लग सकती है। वहीं इस स्थिति में सुबह उठने के बाद भी शरीर में भारीपन महसूस हो सकता है।
बता दें कि किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होने पर शरीर में अपशिष्ट पदार्थों का स्तर बढ़ सकता है। जिस कारण स्किन में रूखापन, खुजली और जलन आदि की समस्याएं हो सकती हैं।
रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
नमक का सेलव सीमित मात्रा में करना चाहिए।
बीपी और शुगर को कंट्रोल में रखें।
बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द निवारक गोलियां ज्यादा न लें।
हेल्दी और पौष्टिक डाइट और रोजाना एक्सरसाइज को अपनी डेली रूटीन में शामिल करें।