भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धारा के तहत खडक थाने में मामला दर्ज कराया गया है। प्राथमिकी में कहा गया है कि महाराज ने जानबूझकर समाज में दरार पैदा करने और दंगे कराने के लिए आपत्तिजनक बयान दिया।