NATO को सजा, यूरोप को तोड़ देंगे ट्रंप? अमेरिका का प्लान लीक

By अभिनय आकाश | Apr 25, 2026

अमेरिका ईरान से जंग में है और अब अमेरिका से जुड़ी जो जानकारी सामने आ रही है वह आपको हैरान कर देगी क्योंकि ईरान के खिलाफ तो अमेरिका जो कारवाई कर रहा है वो कर ही रहा है। इसके अतिरिक्त जो ईरान के साथ करेगा वो तो करेगा ही लेकिन अब वो अपने निशाने पर किसी और को नहीं बल्कि नाटो देशों को लेने की तैयारी कर रहा है।  दरअसल अमेरिका और स्पेन का टकराव जगजाहिर हो चुका है। स्पेन ने अपने एयर स्पेस का इस्तेमाल नहीं होने दिया। स्पेन ने अपने लड़ाकू बेसिस का इस्तेमाल नहीं होने दिया। कहा कि हमारी धरती से कोई हमला नहीं होगा। हम युद्ध के खिलाफ हैं। अमेरिका चिढ़ गया। इसके बाद अब नाटो की गर्दन अमेरिका जो है वो पकड़ रहा है। एक अमेरिकी अधिकारी ने रटर्स को बताया कि पेंटागन के एक आंतरिक ईमेल में उन विकल्पों की रूप रेखा दी गई है जिसके तहत संयुक्त राज्य अमेरिका उन नाटो सहयोगियों को दंडित कर सकता है जिनके बारे में उनका मानना है कि उन्होंने ईरान के साथ युद्ध में अमेरिकी अभियानों का समर्थन करने में विफल रहे हैं। जिसमें स्पेन को गठबंधन से निलंबित करना, फॉकलैंड द्वीप समूह पर ब्रिटेन के दावे पर अमेरिकी स्थिति की समीक्षा करना शामिल है। नाम ना छापने की शर्त पर ईमेल का जानकारी देने वाले अधिकारी ने बताया कि नीतिगत विकल्पों का विस्तृत विवरण एक नोट में दिया गया है। जिसमें ईरान युद्ध के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका को पहुंच सैन्य अड्डे, हवाई उड़ान के अधिकार जो है वो देने के लिए कुछ सहयोगियों की कथित इच्छा और इनकार पर निराशा व्यक्त की गई है। 

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ऐसे में स्पेन की तरफ से भी जवाब आया है। स्पेन का कहना है कि नाटो से हमें निकाल देना कोई मजाक बात नहीं है। इतना आसान नहीं है। क्या कहा गया है स्पेन की तरफ से? आपको पहले सुनवाते हैं। को तो एक तरफ अमेरिका की तैयारी है। दूसरी तरफ स्पेन का पलटवार है और भी बताएंगे कि कैसे नाटो दूसरे देश भी जो है अमेरिका की तरफ शक की सुई घुमा रहे हैं। लेकिन यह जो पेंटागन का मेल था एक जो हाई प्रोफाइल मेल था उसमें जो है बताया जा रहा है जो अधिकारी सूत्रों के हवाले से कह रहे हैं कि किस तरह का एक्शन हो यह कोई सुझाव नहीं दिया गया है और साथ ही यूरोप में सैन्य अड्डे क्या बंद कर देने चाहिए अमेरिका को इसका भी कोई प्रस्ताव नहीं है। अधिकारी ने हालांकि यह बताने से इंकार कर दिया कि विकल्पों में यूरोप से कुछ अमेरिकी सैनिक सेनाओं की व्यापक रूप से अपेक्षित वापसी शामिल है या नहीं। यानी कि अमेरिकी सेना जो यूरोप में मौजूद है वह वापस आ सकती है क्या? तो ऐसे में भी बड़ा मुश्किल स्थिति हो सकता है। ऐसे में ईमेल पर जो कई लोग हैं जिन्होंने पेंटागन को लेकर एक सवाल पूछा पेंटागन से तो उसके जवाब में पेंटागन ने कहा है कि जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ने हमारे नाटो सहयोगियों के लिए जो कुछ भी किया है उसके बावजूद वह हमारे लिए मौजूद नहीं थे। यह भी कहा गया है पेंटागन की तरफ से कि युद्ध विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि राष्ट्रपति के पास ऐसे विश्वसनीय विकल्प हो जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि हमारे सहयोगी अब केवल कागजी शेर बनकर ना रह जाए बल्कि अपनी भूमिका निभाएं। इस संबंध में चल रही किसी भी आंतरिक चर्चा पर हमारी कोई टिप्पणी नहीं है। 

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ट्रंप प्रशासन को यूरोपीय लोगों में अधिकार की भावना जो है वो कहा जा रहा है कि दिखाई दे रहा है। विश्लेषकों और राजनीयिकों का कहना है कि ईरान के साथ अमेरिका इजराइली युद्ध ने 76 साल पुराने गुट के भविष्य के बारे में गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इस बात को लेकर अभूतपूर्व चिंता पैदा हो रही है कि अगर यूरोपीय सहयोगियों पर हमला होता है तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आगे नहीं आएगा। ब्रिटेन, फ्रांस और अन्य देशों का कहना है कि अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी में शामिल होना युद्ध में प्रवेश करने के बराबर होगा। लेकिन एक स्थाई युद्ध विराम होने या संघर्ष समाप्त होने तक वो जलडमरू मध्य को खुला रखने में मदद करने के लिए तैयार होंगे। लेकिन कुल मिलाकर अमेरिका की तरफ से जो है साफ तौर पर कहा गया कि ये लोग साथ नहीं दे रहे हैं। इधर-उधर की बात कर रहे हैं और यही वजह है कि ये नाराजगी है। वहीं स्पेन कह रहा है कि बॉस हम पे खीज निकालने का कोई मतलब नहीं क्योंकि हमको तो तुम नाइट्रो से निकाल नहीं सकते हो क्योंकि ऐसा कोई प्रावधान भी नहीं है कि हमको तुम निकाल पाओ और स्पेन के प्रति जो निराशा व्यक्त की गई थी उसके बाद से ही ये कयास लगने लगे थे कि कुछ ना कुछ तो टकराव जो है वो होगा और सबसे बड़ी बात यह है कि स्पेन की जमीन पर दो बहुत अहम सैन्य अड्डे हैं अमेरिका के जो जिसमें से एक रोटा नौसेना स्टेशन है और दूसरा मोरोन हवाई अड्डा है।

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