Lala Lajpat Rai Birth Anniversary: वो 'पंजाब केसरी' जिसने Freedom Struggle में फूंकी थी नई जान, जानिए अनसुनी बातें

By अनन्या मिश्रा | Jan 28, 2026

भारतीय राजनीतिज्ञ, लेखक और शिक्षाविद रहे लाला लाजपत राय का 28 जनवरी को जन्म हुआ था। लाला लाजपत राय को पंजाब केसरी के नाम से भी जाना जाता है। वह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के सबसे साहसी, निडर और प्रेरणादायी नेताओं में से एक थे। उन्होंने देश में पहला स्वदेशी बैंक खोला था। लाल लाजपत राय ने साइमन कमीशन का विरोध किया था। अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने वाले क्रांतिकारियों की लिस्ट लाला लाजपत राय के बिना अधूरी है। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर लाल लाजपत राय के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

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राजनीतिक जीवन

1880 के दशक में लाला लाजपत राय ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत की थी। वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुए थे। फिर जल्द ही वह कांग्रेस के प्रमुख नेता बन गए और देश की आजादी की लड़ाई में सक्रिय रूप से शामिल हुए। लाला लाजपत राय ने ब्रिटिश सरकार के खिलाफ होने वाले कई आंदोलनों में भाग लिया। इनमें से साल 1907 में होने वाला पंजाब का आंदोलन प्रमुख था। इस दौरान उन्होंने ब्रिटिश सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों और सत्याग्रहों का नेतृत्व किया।

वहीं साल 1894 में लाला लाजपत राय ने देश में पहला स्वदेशी बैंक स्थापित करने का काम किया। इस बैंक का नाम 'पंजाब नेशनल बैंक' है। इसके अलावा उन्होंने लक्ष्मी इंश्योरेंश नामक कंपनी भी स्थापित की। वहीं लाला लाजपत राय ने पंजाब में आर्य समाज की स्थापना में अहम भूमिका निभाई थी।

साइमन कमीशन का विरोध

साल 1928 में भारत में संविधान सुधारों के लिए साइमन कमीशन भारत आया। जिसके खिलाफ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। साइमन कमीशन का विरोध इसलिए शुरू हुआ, क्योंकि इसमें विधानसभा में कोई भी भारतीय प्रतिनिधि नहीं था। वहीं 20 अक्तूबर 1928 को जब कमीशन लाहौर पहुंचा, तो लाला लाजपत राय के नेतृत्व में विरोध हुआ। इस विरोध को दबाने के लिए ब्रिटिश शासन ने लाठी चार्ज किया, जिसमें लाला लाजपत राय को बुरी तरह से चोटें आईं।

मृत्यु

लाठी चार्ज में आई चोटों के कारण 17 नवंबर 1928 को लाला लाजपत राय का निधन हो गया।

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