By अभिनय आकाश | Apr 13, 2026
हंगरी की राजनीति में आज एक युग का अंत हो गया। पिछले 16 वर्षों से सत्ता के शिखर पर बैठे कद्दावर राष्ट्रवादी नेता विक्टर ऑर्बन का तिलस्म आखिरकार टूट गया है। देश में हुए ऐतिहासिक संसदीय चुनावों में कंजर्वेटिव नेता पीटर माग्यार ने न केवल ऑर्बन को सत्ता से बेदखल किया, बल्कि उनकी तिस्ज़ा पार्टी ने संसद में दो-तिहाई से भी अधिक बहुमत हासिल कर एक नया इतिहास रच दिया है। कुल 199 सीटों वाली संसद में माग्यार की पार्टी 137 सीटों पर कब्जा करती दिख रही है। यह जीत इतनी बड़ी है कि विपक्षी गठबंधन अब अकेले दम पर संविधान तक बदलने की ताकत रखता है। हंगरी की जनता ने इस बार बदलाव के लिए जी-जान लगा दी। चुनाव में रिकॉर्ड 77.8% मतदान हुआ, जो पिछले कई दशकों में सबसे अधिक है। चुनावी नतीजों के बाद विक्टर ऑर्बन ने गरिमापूर्ण तरीके से अपनी हार स्वीकार की। उन्होंने पत्रकारों से भावुक होते हुए कहा चुनाव परिणाम दर्द भरे हैं लेकिन स्पष्ट हैं। जनता ने हमें इस बार सेवा का मौका नहीं दिया है। मैं विजेता पक्ष को शुभकामनाएँ देता हूँ।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को हंगरी में संसदीय चुनावों में पीटर मैग्यार की शानदार जीत पर उन्हें बधाई दी। मोदी ने कहा कि वह द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने तथा भारत-यूरोपीय संघ के बीच अहम रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं। दक्षिणपंथ की तरफ झुकाव रखने वाली विपक्षी तिस्जा पार्टी के नेता पीटर मैग्यार ने रविवार को हुए चुनाव में हंगरी के मौजूदा प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन को हराया। मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि पीटर मैग्यार और तिस्जा पार्टी को उनकी शानदार चुनावी जीत पर हार्दिक बधाई। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और हंगरी घनिष्ठ मित्रता, साझा मूल्यों और एक-दूसरे के प्रति अटूट सम्मान की डोर से बंधे हुए हैं। उन्होंने कहा मैं हमारे द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने तथा हमारे लोगों की साझा समृद्धि और कल्याण के साथ भारत-यूरोपीय संघ के बीच अहम रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं।