By दिनेश शुक्ल | Apr 26, 2021
भोपाल। मध्य प्रदेश के जिला चिकित्सालयों में ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए स्थापित किए जा रहे एयर सेपरेशन यूनिट की स्थापना का कार्य शीघ्रता से पूर्ण किया जाए। लोक निर्माण द्वारा प्रत्येक जिले में हॉस्टल, स्कूल, आश्रम, छात्रावास या अन्य भवनों में बनाए गये कोविड केयर सेंटर की व्यवस्थाओं की सतत निगरानी की जाए। उक्त निर्देश रविवार को लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव ने चिकित्सा एवं लोकनिर्माण विभाग के साथ शासन से जुड़े अधिकारियों को दिए हैं। प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग नीरज मंडलोई ने बताया कि पीएसए तकनीक के माध्यम से ऑक्सीजन संयंत्र स्थापना का कार्य आदेश जारी किए जा चुके हैं। प्रथम चरण में स्वीकृत आठ जिला चिकित्सालयों के संयंत्रों में से खण्डवा, शिवपुरी, सिवनी, उज्जैन, जबलपुर और मंदसौर में ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रारंभ हो गयी है। प्रदेश में पांच स्थानों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, रीवा और शहडोल में मुख्यमंत्री सहायता कोष से संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा 13 जिला चिकित्सालयों सागर, सीहोर, विदिशा, गुना, सतना, रायसेन, बालाघाट, खरगौन, कटनी, बड़वानी, नरसिंहपुर, बैतूल एवं काटजू अस्पताल भोपाल में संयंत्र स्थापना के लिए मेसर्स एयर ऑक्स औरंगाबाद को मुख्यमंत्री सहायता कोष से स्वीकृत पाँच संयंत्र भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, रीवा एवं शहडोल में संयंत्र स्थापना का कार्य मेसर्स गैस कॉम कम्पनी को, 15 स्थानों पर उमरिया, शाजपुर, नीमच, झाबुआ, सिंगरौली, टीकमगढ़, अशोकनगर, बुरहानपुर, अनूपपुर, श्यौपुर, डिण्डौरी, अलीराजपुर, आगर-मालवा, निवाड़ी तथा हरदा में स्थापना के लिए मेसर्स एकस्तीय कम्पनी हिमाचल प्रदेश को जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा शेष नौ जिला चिकित्सालयों देवास, धार, मंडला, होशंगाबाद, पन्ना, दमोह, छतरपुर, सीधी और भिण्ड में संयंत्र स्थापना के लिए एयर ऑक्स कम्पनी संयंत्र का कार्य आदेश दिनांक से एक माह में पूर्ण किए जाएगे। अनुबंध के अनुसार संयंत्र के मेन्टीनेस की तीन वर्ष की गारण्टी निर्माण कम्पनी की होगी। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा जिलों में ऑक्सीजन आपूर्ति तथा अस्थाई कोविड केयर सेंटर तैयार करने की जिम्मेदारी लोक निर्माण को सौंपी गई है। विभाग द्वारा इन केन्द्रों पर 10 हजार बिस्तर की व्यवस्था की गई है।