By अनुराग गुप्ता | Aug 05, 2021
नयी दिल्ली। वास्तविक नियंत्रण रेखा में चीन के साथ गतिरोध जारी है। इसी बीच भारत ने दक्षिण चीन सागर में चीन की विस्तारवादी नीतियों का खुलकर विरोध किया है। ऐसे में बीजिंग को कड़ा संदेश देने के लिए विदेशी तैनातियों को जोर दिया जा रहा है। भारतीय नौसेना दक्षिण चीन सागर में चार युद्धपोतों की तैनाती करेगा, जो अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे मित्र देशों के साथ संबंधों का विस्तार करेगा।
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईएएस सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों के साथ अपनी बैठक के बारे में ट्वीट करते हुए इस बात पर जोर दिया कि दक्षिण चीन सागर पर आचार संहिता पूरी तरह से UNCLOS 1982 के अनुरूप होनी चाहिए। देशों के वैध अधिकारों और हितों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।चीन पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपनी संप्रभुता का दावा करता है, जो हाइड्रोकार्बन का एक बड़ा स्रोत है। हालांकि, वियतनाम, फिलीपीन और ब्रुनेई सहित कई आसियान सदस्य देश भी इस पर दावा करते हैं।