By अंकित सिंह | Jul 03, 2026
पूर्व भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि T20 क्रिकेट अपने छोटे समय की वजह से एक मुख्य फ़ॉर्मेट बना रहेगा; उनका मानना है कि यह फ़ॉर्मेट दुनिया भर में विस्तार और भविष्य में ओलंपिक में शामिल किए जाने के लिए ज़्यादा उपयुक्त है। यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग (ETPL) में डबलिन गार्डियंस के कप्तान और मेंटर के तौर पर काम कर रहे अश्विन ने कहा कि इस फ़ॉर्मेट से ज़्यादा खिलाड़ियों के जुड़ने और दुनिया भर में लीग्स के मज़बूत होने की संभावना है, जबकि उन्होंने वनडे इंटरनेशनल (ODI) क्रिकेट के लंबे समय के भविष्य पर संदेह भी जताया।
अश्विन ने क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग हालात के हिसाब से खुद को ढालने की अहमियत पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि लगातार सुधार करना और अलग-अलग हालात के मुताबिक खुद को बदलना बहुत ज़रूरी है। उन्होंने भारत और आयरलैंड के बीच हाल ही में हुई T20I सीरीज़ का उदाहरण दिया, जिसमें भारत को ऐतिहासिक रूप से 2-0 से हार का सामना करना पड़ा था। यह इस बात का उदाहरण है कि कैसे खेलने के हालात पारंपरिक T20 रणनीतियों के लिए चुनौती बन सकते हैं।
अश्विन ने कहा कि मुझे लगता है कि क्रिकेट को कुल मिलाकर इस तरह से सीखा जाना चाहिए कि आप हर दिन बेहतर होते जाएं। आपको हालात के हिसाब से खुद को ढालना आना चाहिए। इस खेल का मूल मंत्र ही खुद को ढालना है। यही वजह है कि भारत और आयरलैंड के बीच हाल ही में हुई T20 सीरीज़ इसका एक बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे हालात खेल के उन कई पहलुओं को खत्म कर सकते हैं, जिन्हें T20 खेल के मुख्य आधार के तौर पर विकसित किया गया था।
For more updates and in-depth coverage on cricket, visit Cricket News in Hindi at Prabhasakshi.