By Ankit Jaiswal | Mar 18, 2026
दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अचानक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। दिसंबर 2024 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान उन्होंने ब्रिस्बेन टेस्ट के बाद संन्यास की घोषणा की थी, जिसने फैंस और क्रिकेट जगत को चौंका दिया था।
अब संन्यास के कुछ समय बाद अश्विन ने अपने फैसले को लेकर खुलकर बात की है। मौजूद जानकारी के अनुसार उन्होंने कहा कि अपने करियर में निर्णय लेना उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है और वह अपने जीवन के फैसले खुद लेना पसंद करते हैं। उनके मुताबिक टीम संयोजन में लगातार बदलाव और मौके सीमित होने के संकेत उन्हें साफ तौर पर मिल रहे थे।
अश्विन ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान जब टीम में उन्हें और रविंद्र जडेजा के साथ स्पिन विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था और फिर उन्हें बाहर बैठना पड़ा, तब उन्हें एहसास हुआ कि अब नई पीढ़ी को मौका देने का समय आ गया है। उन्होंने साफ किया कि वह उन खिलाड़ियों में से नहीं हैं जो लंबे समय तक वापसी की उम्मीद में टीम के आसपास बने रहें।
इस बातचीत में उन्होंने टीम के मौजूदा कोच गौतम गंभीर को लेकर भी अपनी राय रखी। बता दें कि पिछले कुछ समय से टीम चयन को लेकर पक्षपात के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन अश्विन ने इन बातों को खारिज करते हुए कहा कि एक कोच के रूप में गंभीर को अपनी रणनीति के हिसाब से फैसले लेने का पूरा अधिकार है।
गौरतलब है कि अश्विन ने यहां तक कहा कि अगर टीम के हित में उन्हें, या फिर विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों को भी आगे बढ़ना पड़े, तो यह टीम के लिए सही फैसला हो सकता है। उन्होंने माना कि उस समय भावनाएं आहत हो सकती हैं, लेकिन समय के साथ चीजें साफ नजर आने लगती हैं।