आप सांसद राघव चड्डा के भाजपा में शामिल होने से पंजाब में आप सरकार की हिल सकती है नींव

By कमलेश पांडे | Apr 25, 2026

दिल्ली के बाद भाजपा अब पंजाब से भी आम आदमी पार्टी को बेदखल करेगी। इसी के चलते उसने ऑपरेशन लोटस राज्यसभा को अंजाम दिया। बता दें कि आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने उपनेता पद से हटाए जाने के बाद हाल ही में आप (AAP) छोड़कर भाजपा में खुशी खुशी शामिल होने का ऐलान किया, जिसमें राज्यसभा के दो-तिहाई आप सांसद (लगभग 7 में से 10) उनके साथ हैं। इससे साफ है कि अब पंजाब में आप की सरकार भी हिलाई जाएगी।

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चूंकि भाजपा के लिए यह अप्रत्याशित लाभ की स्थिति है क्योंकि बीजेपी को युवा, वाक्पटु और शहरी चेहरे के रूप में चड्ढा मिला, जो विपक्ष के सॉफ्ट वोट बैंक में घुसपैठ करेगा। राज्यसभा में संख्या बढ़ेगी और दिल्ली-पंजाब में आप के संगठन को कमजोर करने में मदद मिलेगी। यह नैरेटिव वॉर में बीजेपी को बढ़त देता है, जहां चड्ढा आप मॉडल पर सवाल उठा सकते हैं। आपने गौर किया होगा कि जनहितकारी मुद्दों को लेकर चड्डा ने सोशल मीडिया में एक अभियान चलवाया था और राज्यसभा में भी आमलोगों के मुद्दे को उठाया, जिससे उनकी राष्ट्रीय लोकप्रियता बढ़ी और भाजपा ने उन्हें हाथोंहाथ लोक लिया।

समझा जा रहा है कि पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 में भाजपा उन्हें मुख्यमंत्री का उम्मीदवार भी घोषित कर सकती है। इससे आप भी भावी रणनीति पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। जहां तक आप पर प्रभाव की बात है तो आप की राज्यसभा ताकत 10 से घटकर 3 रह गई, जो राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा को चोट पहुंचाएगी। वहीं दूसरी पंक्ति लीडरशिप कमजोर हुई, क्लीन पॉलिटिक्स की इमेज पर दरार आई और कैडर मनोबल गिरा। पंजाब में संगठनात्मक नुकसान होगा, खासकर 2027 चुनावों से पहले। चूंकि राघव चड्ढा ने आप  छोड़ने का मुख्य कारण पार्टी के मूल सिद्धांतों, मूल्यों और नैतिकता से भटक जाना बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने 15 साल अपनी जवानी दी, लेकिन अब पार्टी व्यक्तिगत फायदे के लिए काम कर रही है और भ्रष्टाचार हटाने वाली पार्टी समझौतों में उलझ गई।

जहां तक व्यक्तिगत कारण की बात है तो चड्ढा ने पार्टी की गतिविधियों से खुद को अलग किया क्योंकि वे "उनके गुनाहों में शामिल नहीं होना चाहते थे।" उन्होंने खुद को "गलत पार्टी में सही आदमी" करार दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आप अब देश के लिए नहीं, पर्सनल एजेंडे पर चल रही है। समझा जाता है कि यह पार्टी कार्रवाई का दुष्प्रभाव है क्योंकि आप ने उन्हें राज्यसभा उपनेता पद से हटाया और सदन में बोलने पर रोक लगाई, जिसे अशोक मित्तल को सौंपा गया। संजय सिंह की गिरफ्तारी के बाद राज्यसभा नेता बनने की कोशिश नाकाम रही, जो तल्खी बढ़ाने वाला था। ये कदम चड्ढा को पंजाब जाने पर मजबूर कर दिए।

# जानिए, आप के बाकी सांसद कौन थे जो बीजेपी में शामिल हुए

राघव चड्ढा के अलावा आप के 6 अन्य राज्यसभा सांसदों ने बीजेपी में विलय किया, जो कुल 7 सांसदों का समूह बनाते हैं। यह विलय पंजाब और अन्य क्षेत्रों के सांसदों पर केंद्रित था, जिससे आप की राज्यसभा ताकत 10 से घटकर 3 रह गई। भाजपा में शामिल अन्य सांसदों की सूची निम्नलिखित है- संदीप पाठक (राष्ट्रीय संगठन महामंत्री, IIT ग्रेजुएट), अशोक मित्तल (शिक्षाविद, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी संस्थापक), हरभजन सिंह (क्रिकेटर), स्वाति मालीवाल (पूर्व DCW चीफ), राजेंद्र गुप्ता (ट्राइडेंट ग्रुप संस्थापक, पद्म श्री), विक्रमजीत सिंह साहनी (उद्योगपति, सन फाउंडेशन प्रमुख)। ये ज्यादातर पंजाब से राज्यसभा सदस्य थे, जिन्होंने चड्ढा के नेतृत्व में विलय का हस्ताक्षर किया।। 

वहीं, आप ने इसे ऑपरेशन लोटस बताया, लेकिन विलय प्रावधान के तहत कोई अयोग्यता नहीं हुई। अरविंद केजरीवाल ने राघव चड्ढा और अन्य आप सांसदों की बगावत पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी पर पंजाबियों को धोखा देने का आरोप लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया X पर ट्वीट किया, "बीजेपी ने एक बार फिर पंजाबियों को धोखा दिया है।" केजरीवाल ने इसे पंजाब सरकार को कमजोर करने की साजिश बताया और अमित शाह व नरेंद्र मोदी से अपील की कि "यह घिनौना काम पंजाब की जनता कभी माफ नहीं करेगी।" यह पहली प्रतिक्रिया थी, जिसमें उन्होंने सांसदों पर सीधे निशाना साधने से परहेज किया।

वहीं, आप नेताओं की प्रतिक्रिया भी आई है। संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसे "ऑपरेशन लोटस" करार दिया और कहा कि पंजाब की जनता भाजपा को माफ नहीं करेगी। पार्टी ने इसे भाजपा की साजिश बताया, लेकिन विलय प्रावधान के कारण कानूनी कार्रवाई मुश्किल हुई।

संजय सिंह ने राघव चड्ढा और अन्य 7 आप सांसदों की बगावत को "पंजाब के साथ गद्दारी" करार दिया। उन्होंने इसे BJP का "ऑपरेशन लोटस" बताया, जिसमें प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग कर भगवंत मान सरकार को तोड़ने की साजिश रची गई। संजय सिंह ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से कहना चाहता हूं कि भगवंत मान के अच्छे कार्यों को रोकने के लिए आपने जो किया, पंजाब की जनता कभी माफ नहीं करेगी।" उन्होंने दलबदलुओं को चेतावनी दी कि आप ने इन्हें संसद तक पहुंचाया, लेकिन इन्होंने पंजाब जनता को धोखा दिया।

वहीं राजनीतिक निशाना साधते हुए  सिंह ने बीजेपी पर पंजाब सरकार के शिक्षा-स्वास्थ्य मॉडल को नष्ट करने का आरोप लगाया और कहा कि ये सांसदों को पंजाब की जनता माफ नहीं करेगी। यह प्रतिक्रिया पार्टी की रणनीति का हिस्सा बनी, जहां जनता को भावुक अपील की गई।

- कमलेश पांडेय

वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक

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