Rahul ने इधर US Trade Deal पर शाह की चुनौती की कबूल, उधर अमेरिका रवाना होने के लिए भारतीय टीम तैयार

By अभिनय आकाश | Feb 17, 2026

भारत और अमेरिका के बीच हुए ट्रेड डील का जिसको लेकर तरह-तरह की बातें कही जा रही है। आरोप है कि अमेरिका के सामने मोदी सरकार झुक गई। सरकार का कहना है कि राहुल गांधी इस बारे में भ्रम फैला रहे हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा भी कि वो गुमराह करें कि यूरोपियन यूनियन इंग्लैंड इसके साथ हुए जो एफटीए और अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील ये दोनों के माध्यम से मोदी जी ने किसानों के हित को नुकसान पहुंचाया। राहुल गांधी जी को चैलेंज देना चाहता हूं। किसी भी मंच तय कर लो भारतीय जनता पार्टी का युवा मोर्चे का अध्यक्ष आकर आपसे चर्चा कर लेगा नुकसान किसने किया। मैं इस देश के किसानों को इस मंच से आश्वस्त करना चाहता हूं। कांग्रेस इसी बहाने फिर से देश भर के किसान संगठनों को एकजुट करने में जुटी है। राहुल गांधी ने पंजाब और हरियाणा के कई किसान नेताओं से मुलाकात की है। मुद्दा अमेरिका के दबाव में रूस से सस्ता तेल ना खरीदने से लेकर किसानों के हितों की अनदेखी है। खासतौर से टेक्सटाइल इंडस्ट्री को लेकर। अमेरिका ने बांग्लादेश से भी व्यापार समझौता किया है। कांग्रेस के सांसद रणदीप सुरजेवाला ने सिलसिलेवार तरीके से बताया कि अमेरिका से हुए समझौते के बाद भारत का क्या नुकसान है। तमाम आरोपों के बीच भारत अमेरिका के ट्रेड डील को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। 

अंतरिम व्यापार समझौते की कानूनी शर्तों को दिया जा रहा अंतिम रूप

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने घोषणा की कि भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते की कानूनी शर्तों को अंतिम रूप देने के लिए भारतीय अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल अगले सप्ताह संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा करेगा। इस समझौते पर मार्च में हस्ताक्षर होने और लागू होने की उम्मीद है। वाणिज्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव दर्पण जैन, जो वार्ता के लिए भारत के मुख्य वार्ताकार हैं, 23 फरवरी को वाशिंगटन के लिए प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। वार्ता की प्रगति के बारे में अग्रवाल ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच वर्चुअल बैठकें पहले से ही चल रही हैं।

उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ वर्चुअल बैठकें चल रही हैं और अगले सप्ताह मुख्य वार्ताकार कानूनी समझौते के लिए कानूनी ढांचे को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिका के लिए प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। इस पर काम अगले सप्ताह वाशिंगटन में जारी रहेगा।

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उन्होंने आगे कहा कि भारत और अमेरिका द्वारा हाल ही में जारी संयुक्त बयान में अंतरिम समझौते की व्यापक रूपरेखा दी गई है, जिसे अब कानूनी रूप से बाध्यकारी समझौते में बदलना होगा। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि संयुक्त बयान में समझौते की रूपरेखा निर्धारित की गई है। अब इस रूपरेखा को कानूनी समझौते में बदलना होगा, जिस पर दोनों पक्ष हस्ताक्षर करेंगे। इस महीने की शुरुआत में, भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने घोषणा की थी कि उन्होंने व्यापार को अधिक पारस्परिक और पारस्परिक रूप से लाभकारी बनाने के उद्देश्य से एक अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे को अंतिम रूप दे दिया है।

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इस समझौते के तहत, भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया जाएगा। उम्मीद है कि यह कटौती वस्त्र और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर उत्पाद, जैविक रसायन, घरेलू सजावट, हस्तशिल्प और चुनिंदा मशीनरी जैसे क्षेत्रों को कवर करेगी।

अंतरिम समझौते के सफल समापन के बाद, सामान्य दवाइयों, रत्नों और हीरों तथा विमान के पुर्जों जैसे उत्पादों पर भी टैरिफ हटाए जाने की संभावना है। भारत की ओर से, नई दिल्ली ने कई अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कृषि एवं खाद्य उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर टैरिफ को समाप्त करने या कम करने पर सहमति जताई है, जिनमें सूखे अनाज, मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट शामिल हैं।हालांकि, सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि गेहूं, चावल, मक्का, दूध, मुर्गी पालन और कुछ सब्जियों जैसे संवेदनशील कृषि और डेयरी क्षेत्रों को संरक्षण प्राप्त रहेगा। इस रूपरेखा में दोनों देशों की व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता की भी पुष्टि की गई है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने महीनों के व्यापारिक तनाव के बाद फरवरी 2025 में शुरू किया था।

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वाणिज्य मंत्रालय ने अद्यतन व्यापार आंकड़े भी जारी किए, जिनमें निर्यात में समग्र वृद्धि को दर्शाया गया है। जनवरी 2026 में भारत का कुल माल और सेवाओं का निर्यात 80.45 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जो जनवरी 2025 में 71.09 अरब अमेरिकी डॉलर था। इसी अवधि में आयात बढ़कर 90.83 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जो एक वर्ष पहले 76.48 अरब अमेरिकी डॉलर था। इसके परिणामस्वरूप कुल व्यापार घाटा पिछले वर्ष के 5.39 अरब अमेरिकी डॉलर की तुलना में बढ़कर 10.38 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। अग्रवाल ने कहा कि चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से जनवरी तक का संचयी निर्यात 720.76 अरब अमेरिकी डॉलर रहने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह 679 अरब अमेरिकी डॉलर था। उन्होंने कहा कि यह अनुमानित 6.15% की वृद्धि है और लगभग 40 अरब अमेरिकी डॉलर तक बढ़ गई है।

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