अमेरिका में प्रदर्शनकारियों के लिए मसीहा बने भारतीय मूल के राहुल दुबे

By अंकित सिंह | Jun 04, 2020

अमेरिका के मिनियापोलिस में 46 वर्षीय जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद देश में हिंसक प्रदर्शन जारी है। सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारियों के लिए भारतीय मूल का एक शख्स किसी मसीहा की तरह सामने आया है। 44 वर्षीय भारतीय अमेरिकी मूल के राहुल दुबे ने जब रात में अपने घर का दरवाजा खोला तो देखा कि पुलिस द्वारा मिर्च स्प्रे और आंसू गैस किए जाने के बाद उससे बचने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारी चिल्ला रहे हैं। ऐसी स्थिति में प्रदर्शन कर रहे कम से कम70 लोगों को राहुल दुबे ने अपने घर में ठहराया। 

इसे भी पढ़ें: अप्रैल में कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था जॉर्ज फ्लॉयड

जब प्रदर्शनकारी राहुल के घर में घुस रहे थे तो पुलिस सिर्फ दो घर की दूरी पर थी। एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि राहुल ने अपनी चिंता किए बगैर हमें सुरक्षित रखा। वह हमारे अधिकारों के बारे में बताते रहे और हमारा मनोबल बढ़ाते रहें। राहुल दुबे ने कहा कि जब यह प्रदर्शन कर रहे थे तो सभी अपने हाथ खोलकर हमें जाने दीजिए दोहरा रहे थे। जब पुलिस ने यह स्प्रे किया तो उस वक्त ये प्रदर्शनकारी राहुल के घर के अंदर 10 मिनट तक खांसते रहें और अपनी आंखें मसलते रहे। कई बार तो भागने के क्रम में सीढ़ियों पर भी गिर गए और एक-दूसरे के सहारा बने।

इसे भी पढ़ें: अमेरिका में हिंसक प्रदर्शनों को लेकर पूर्व रक्षा मंत्री ने की ट्रंप की आलोचना

राहुल ने पुलिस को भी कहा कि उनके घर में प्रदर्शनकारियों का स्वागत है। जब पुलिस ने मिर्ची स्प्रे किया तब लगभग 1 घंटे 15 मिनट तक तबाही जैसा मंजर था। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि घर में वापस जाओ या हम तुम्हें गिरफ्तार करेंगे। अगले दिन सुबह 6:00 बजे कर्फ्यू खत्म होने पर प्रदर्शनकारियों ने राहुल दुबे का घर छोड़ दिया। इस घटना को लेकर कई तरीके की बातें की जा रही है परंतु एक बात तो सच है किस घटना ने राहुल दुबे को स्थानीय लोगों के बीच नायक बना दिया। सोशल मीडिया पर उनकी हर ओर प्रशंसा हो रही है।

प्रमुख खबरें

Rishabh Pant की Delhi Capitals में वापसी पर AB de Villiers बोले- यह बिल्कुल भी चौंकाने वाला नहीं था

Tazmin Brits के शतक का तूफान, South Africa की बड़ी जीत ने बदला Semifinal का पूरा समीकरण

England में Kiwi बल्लेबाजों का कहर, 96 साल पुराना Test Record तोड़ रचा नया इतिहास

FIFA World Cup 2026 में गोलों की बौछार, Lionel Messi की Golden Boot की दावेदारी हुई मजबूत