By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 04, 2026
नयी दिल्ली, चार अगस्त कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की ‘गुमराह युवाओं को माफ करने’’ संबंधी टिप्पणी को लेकर मंगलवार को उन पर निशाना साधा और कहा कि ‘भारत के भविष्य’ को माफ करने का अधिकार प्रधानमंत्री को किसने दिया? उन्होंने एमडीएमके नेता वाइको की पुस्तक ‘वाइको इन पार्लियामेंट’ के विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए यह आरोप भी लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की सोच भारत की विविध भाषाओं, संस्कृतियों और इतिहास को कमजोर करने वाली है तथा इसी के विरोध में छात्र सड़कों पर उतरकर ‘‘भारत की अवधारणा’’ (आइडिया ऑफ इंडिया) की रक्षा कर रहे हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश एक ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां छात्र रोजगार, निष्पक्ष परीक्षाओं और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर सड़कों पर हैं।
राहुल गांधी ने वाइको के राजनीतिक संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के प्रत्येक राज्य को अपनी संस्कृति, इतिहास और के साथ सम्मानपूर्वक जीने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग तमिल, मराठी, बांग्ला, मलयालम समेत विभिन्न भारतीय भाषाओं और उनसे जुड़ी सांस्कृतिक विरासत को महत्व नहीं देते हुए केवल आरएसएस द्वारा परिभाषित इतिहास और को ही प्रासंगिक मानते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री, उनके सहयोगियों और आरएसएस की सोच के पीछे एक ‘‘खतरनाक और विभाजनकारी’’ विचार है।
उनके अनुसार, यह विचार भारत की विविध पहचान, भाषाओं और इतिहास को महत्वहीन मानता है, जबकि भारत ऐसा कभी स्वीकार नहीं करेगा। राहुल गांधी ने कहा कि छात्र इसी कारण सड़कों पर हैं और वे अपने-अपने तरीके से भारत की विविध संस्कृति, भाषाओं और इतिहास की रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आरएसएस भारत का इतिहास नहीं बदल सकता तथा भारत अपने इतिहास को किसी के द्वारा भी रौंदे जाने को कभी स्वीकार नहीं करेगा।