Lok Sabha में Rahul Gandhi ने उठाया माइक का सवाल, Speaker Om Birla का तंज- सिर्फ आपका ही बंद होता है

By अंकित सिंह | Apr 16, 2026

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को संसद में उस समय मजाक किया जब सदन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संक्षेप में इस बात पर संदेह जताया कि क्या कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल का माइक काम कर रहा था। संसद के विशेष सत्र के दौरान, वेणुगोपाल ने सदन में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण के प्रस्ताव के पीछे सरकार के इरादे पर सवाल उठाए और पूछा कि इसे 2024 में लागू क्यों नहीं किया गया। इसी दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खड़े हुए और आपत्ति जताई कि बिना चर्चा किए विधेयक की खूबियों पर सवाल कैसे उठाया जा सकता है।

इसे भी पढ़ें: संसद में 18 घंटे की महाबहस, 3 अहम Bill पर Friday को Voting से होगा अंतिम फैसला

जब लोकसभा अध्यक्ष वेणुगोपाल को सदन की कार्यवाही समझाना शुरू कर रहे थे, तभी विपक्ष के किसी सदस्य ने सबसे पहले यह सवाल उठाया कि क्या सांसद का माइक चालू है। एक नेता ने कहा, "माइक ही म्यूट था।" राहुल गांधी ने भी माइक की ओर इशारा करते हुए कहा, "माइक नहीं चल रहा है।" इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा, "चालू है माइक चालू है, आपका ही बंद होता है।" स्पीकर ओम बिरला की टिप्पणी राहुल गांधी के उन आरोपों की ओर इशारा करती प्रतीत होती है, जिनमें उन्होंने कहा था कि संसद में विपक्षी नेताओं के बोलने के दौरान माइक बंद कर दिए जाते हैं। 

इसे भी पढ़ें: Parliament Special Session Live Updates: लोक सभा में Women's Reservation और Delimitation पर 3 बिल पेश

2023 में ब्रिटेन की अपनी यात्रा के दौरान, गांधी ने अपने संबोधन में आरोप लगाया था कि संसद में विपक्ष की आवाज दबा दी जाती है और उन्होंने यह भी कहा था कि उनका माइक कई बार बंद कर दिया गया था। सरकार ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में विपक्ष के विरोध के बीच महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन और परिसीमन से संबंधित तीन विधेयकों को पेश किया। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ और ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ पेश किए, वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश किया। ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ पेश करने के प्रस्ताव के पक्ष में 251 वोट और विरोध में 185 वोट पड़े। इससे पहले कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने विधेयकों को ‘असंवैधानिक’ करार देते हुए इन्हें पेश करने के समय पर सवाल खड़े किए।

प्रमुख खबरें

West Bengal में उद्योग खुद जमीन खरीदें तो 500 एकड़ पर ही मिलेगा मेगा प्रोजेक्ट का दर्जा

Mansa SSP के तबादले तक अनशन पर रहेंगे Parvinder Singh Jhota के पिता

कर्नाटक में Petrol में 31.2 प्रतिशत तक मिला Ethanol, तेल कंपनियों ने दावों को नकारा

रामपुर तिराहा कांड में घायल दो Uttarakhand आंदोलनकारियों को मिलेगी 20 हजार रुपये अतिरिक्त मासिक मदद