By एकता | Sep 27, 2026
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया पर एक रहस्यमयी पोस्ट की। उन्होंने समुद्र की तेज लहरों में तैरने का जिक्र करते हुए कहा कि इससे उन्हें सीख मिलती है कि उथल-पुथल भी एक तरह की शांति होती है।
राहुल गांधी ने इस पोस्ट में इसके पीछे कोई संदर्भ या वजह नहीं बताई। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर राजनीतिक विवाद चल रहा है।
‘इंडियन एक्सप्रेस’ की 23 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने एसआईआर से जुड़े फैसलों और आदेशों पर पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों चुनाव आयुक्तों का कहना था कि कुछ फैसले उनकी जानकारी के बिना लिए या जारी किए गए।
एसआईआर का देशव्यापी काम तीन सदस्यीय चुनाव आयोग की निगरानी में चल रहा है। रिपोर्ट में मतदाता पंजीकरण, मतदाताओं के नाम हटाने और मतदाता सूची से जुड़े दूसरे मामलों को लेकर दोनों चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों का जिक्र किया गया है।
हालांकि, चुनाव आयोग ने शनिवार को कहा कि एसआईआर से जुड़े सभी फैसले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए थे।
इससे पहले राहुल गांधी ने एक खबर का हवाला देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी आरोप लगाए थे। उन्होंने केरल कांग्रेस की एक पोस्ट साझा करते हुए दावा किया था कि केरल के पूर्व मुख्य सचिव जीजी थॉमसन के मुताबिक, ज्ञानेश कुमार ने उनसे संपर्क किया था और उन्हें भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने तथा मंत्री पद दिलाने की पेशकश की थी। इस दावे पर ज्ञानेश कुमार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
राहुल गांधी इससे पहले चुनावों में कथित “वोट चोरी” का मुद्दा भी उठा चुके हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं और कहा है कि सामने आई मीडिया रिपोर्टों से उनके आरोपों की पुष्टि हुई है। चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के इन आरोपों को खारिज किया है।