By अंकित सिंह | Aug 01, 2026
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने यह बात NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ़ विरोध करने वाले छात्रों के बारे में प्रधानमंत्री की टिप्पणी को लेकर कही। उन्होंने प्रधानमंत्री पर छात्रों और उनके परिवारों की तकलीफ़ों को न समझने का आरोप लगाया। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने X पर एक पोस्ट में कहा कि असली मुद्दा प्रदर्शनकारियों का व्यवहार नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की विफलता है, जिसने हज़ारों छात्रों के भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया है।
उन्होंने आगे कहा कि क्या वो एक भी शोकाकुल परिवार से मिले जिन्होंने अपने बच्चे को खोया है या उन लोगों से जिनकी जमा पूंजी, ज़िंदगी, वक्त और सपने सब पेपर लीक से छीन लिए गए? जवाब है नहीं! भारत के छात्रों को प्रधानमंत्री की क्षमा की ज़रूरत नहीं - मोदी जी को उनसे माफ़ी मांगनी चाहिए। उनके ये बयान, NEET में कथित गड़बड़ियों को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों पर PM मोदी के इंस्टाग्राम पर देर रात जारी किए गए वीडियो मैसेज के एक दिन बाद आए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उनके और उनकी दिवंगत मां के बारे में इस्तेमाल की गई भाषा के बारे में सुनकर उन्हें बोलने के लिए मजबूर होना पड़ा।
PM मोदी ने कहा कि वह समाज में फैले गुस्से को समझ सकते हैं, लेकिन उन्होंने लोगों से गुस्से के बजाय सहानुभूति के साथ प्रतिक्रिया देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "जंतर-मंतर पर न केवल मेरे खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया, बल्कि मेरी दिवंगत मां के लिए भी बेहद खराब भाषा का इस्तेमाल किया गया। लेकिन अपशब्दों से कभी कोई समाधान नहीं निकलता; आइए, जो लोग भटक गए हैं, उन्हें सही रास्ता दिखाएं।"
प्रदर्शनकारियों को "हमारे बच्चे" बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें सज़ा देने के बजाय माफ़ कर देना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें उन युवाओं को माफ़ कर देना चाहिए जो भटक गए थे; आख़िरकार, वे हमारे ही बच्चे हैं। उन्हें सही रास्ता दिखाना हमारा फ़र्ज़ है।" उन्होंने आगे कहा कि समाज को युवाओं को अपनाना चाहिए और उन्हें अदालतों में घसीटने या सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के बजाय अपनी गलतियों से सीखने में मदद करनी चाहिए।
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