By अंकित सिंह | Apr 17, 2026
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पास दोहरी नागरिकता होने के आरोपों की जांच आवश्यक है। न्यायालय ने लोकसभा में विपक्ष के नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देते हुए यह भी कहा कि उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि वह या तो स्वयं जांच करे या मामले को जांच के लिए किसी केंद्रीय एजेंसी को सौंप दे। यह टिप्पणी भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान आई, जिसमें उन्होंने लखनऊ की विशेष सांसद/विधायक अदालत द्वारा 28 जनवरी को पारित आदेश को चुनौती दी थी। निचली अदालत ने कांग्रेस नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की उनकी याचिका खारिज कर दी थी।
शुक्ला ने बताया कि वादी पक्ष पिछले कई तारीखों से लगातार स्थगन की मांग कर रहा है, जिससे मामले की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पा रही है और इसे गंभीरता से लेते हुए अदालत ने स्पष्ट किया कि अगर अगली तिथि पर वादी पक्ष बहस के लिए उपस्थित नहीं होता तो उनके विरुद्ध उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की जा सकती है। मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 22 अप्रैल की तारीख तय की है। इससे पहले, 28 मार्च को सांसद-विधायक (एमपी-एमएलए) अदालत में हुई सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता के वकील ने राहुल गांधी की आवाज का नमूना लेने का निर्देश देने का अनुरोध किया। वादी के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने बताया था कि अदालत में राहुल गांधी की आवाज के नमूने की जांच के लिए अनुरोध किया गया। उन्होंने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 311 सहपठित धारा 91 के तहत एक अर्जी दी है।