By नीरज कुमार दुबे | Aug 07, 2023
विपक्षी गठबंधन यूपीए जिसका नाम बदल कर अब इंडिया कर दिया गया है उसका नेता कौन होगा और उसकी ओर से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा, इसका जवाब आज तब मिल गया जब संसद सदस्यता बहाल होने के बाद राहुल गांधी पहली बार संसद पहुँचे। इस दौरान कांग्रेस सांसदों के अलावा आईएनडीआईए गठबंधन के नेताओं ने राहुल गांधी का भव्य स्वागत किया। आईएनडीआईए गठबंधन के नेताओं का जोश साबित कर रहा था कि यदि गठबंधन में शामिल किसी अन्य पार्टी के नेता के मन में प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी की आकांक्षा है तो वह उसे अपने मन से निकाल दे। हम आपको बता दें कि संसद के द्वार पर उनका स्वागत करने के लिए लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, राज्यसभा में पार्टी के उप नेता प्रमोद तिवारी, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के एनके प्रेमचंद्रन और कई अन्य विपक्षी सांसद मौजूद थे। विपक्षी सांसदों ने ‘राहुल गांधी संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं’ और ‘राहुल गांधी जिंदाबाद’ के नारे लगाए। आईएनडीआईए गठबंधन के नेताओं का मानना है कि राहुल गांधी को ही लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू करनी चाहिए। दरअसल कांग्रेस का प्रयास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विपक्ष में सिर्फ और सिर्फ राहुल गांधी का ही चेहरा दिखना चाहिए ताकि वह सभी दलों को राहुल के नेतृत्व में काम करते रहने को राजी कर सके। हम आपको यह भी बता दें कि राहुल गांधी ने संसद आते ही राष्ट्रपिता की प्रतिमा को नमन किया और उसके बाद कार्यवाही में भाग लेने के लिए सदन चले गये।
हम आपको यह भी बता दें कि लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि उच्चतम न्यायालय के चार अगस्त के फैसले के मद्देनजर गांधी की अयोग्यता संबंधी 24 मार्च की अधिसूचना का क्रियान्वयन आगामी न्यायिक फैसले तक रोका जाता है। अधिसूचना में कहा गया है, ‘‘24 मार्च, 2023 की अधिसूचना की निरंतरता में उच्चतम न्यायालय ने चार अगस्त, 2023 को विशेष अनुमति अपील (सीआरएल) संख्या 8644/2023 को लेकर एक आदेश पारित किया है, जिसमें केरल के वायनाड संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्य श्री राहुल गांधी की सजा पर रोक लगा दी गई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सूरत) की अदालत द्वारा दिनांक 23 मार्च, 2023 को दोषसिद्धि का आदेश पारित किया गया था।'' इसमें यह भी कहा गया है, ‘‘भारत के उच्चतम न्यायालय के दिनांक चार अगस्त, 2023 के आदेश के मद्देनजर संविधान के अनुच्छेद 102(1)(ई) के प्रावधानों के संदर्भ में जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 के आलोक में श्री राहुल गांधी की (बतौर सदस्य) अयोग्यता पर रोक लगा दी गई जो आगे न्यायिक आदेशों पर निर्भर करेगी।’’
दूसरी ओर, कांग्रेस ने अपने नेता की सदस्यता बहाल होने का स्वागत किया और कहा कि वह चाहती है कि राहुल गांधी लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस में मुख्य वक्ता हों। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल होने का स्वागत करते हुए कहा कि इससे भारत के लोगों, खासकर वायनाड संसदीय क्षेत्र की जनता को राहत मिली है। मल्लिकार्जुन खरगे ने ट्वीट किया, ‘‘राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल करने का निर्णय एक स्वागत योग्य कदम है। यह (कदम) भारत के लोगों और विशेषकर वायनाड की जनता के लिए राहत लेकर आया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा और मोदी सरकार के कार्यकाल का अब जो भी समय बचा है, उन्हें उसका उपयोग विपक्षी नेताओं को निशाना बनाकर लोकतंत्र को बदनाम करने के लिए नहीं करना चाहिए बल्कि उन्हें शासन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।’’