By प्रेस विज्ञप्ति | Jun 16, 2022
मुंबई। केंद्र की भाजपा सरकार कांग्रेस नेतृत्व को सरकारी एजेंसियों के माध्यम से डराने-धमकाने की कोशिश कर रही है लेकिन हम इस तरह के दबाव या आतंक के सामने झुकने वाले नहीं हैं। केंद्र की मोदी सरकार पर यह पलटवार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने किया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश की जनता के मुद्दों को उठाकर और लगातार मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की है। इस वजह से राहुल गांधी देश की आवाज बन गए हैं, लेकिन बीजेपी सरकार को यह रास नहीं आ रहा है । यही वजह है कि बीजेपी सरकार एक राजनीतिक साजिश के तहत राहुल गांधी को फंसाने की कोशिश कर रही है, लेकिन कांग्रेस इस तरह के बदले की कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं करेगी। पटोले ने कहा कि केंद्र सरकार के खिलाफ हमारा संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
मीडिया से बात करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा कि मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और महिला कार्यकर्ताओं को पुलिस बल द्वारा पीटा जा रहा है, जबकि कांग्रेस नेता बीजेपी सरकार की राजनीतिक साजिश के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरे हैं। पटोले ने कहा कि आज देश में अराजकता की स्थिति खड़ी हो गई है। इस मौके पर राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात ने कहा कि काग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी को बेवजह ईडी नोटिस भेजकर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को पूछताछ के नाम पर तीन दिनों से प्रताड़ित किया जा रहा है। केंद्र सरकार के इस दमन के खिलाफ अब कांग्रेसी कार्यकर्ता खड़े हो गए हैं। हम इस मोर्चे के जरिए मोदी सरकार तक अपने असंतोष को पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। थोरात ने कहा कि देश के लिए अपना सब कुछ कुर्बान करने वाले परिवार को परेशान करना निंदनीय है। मोदी सरकार के तानाशाही के सामने सोनियाजी और राहुलजी नहीं झुकेंगे और इस लड़ाई में विजय हासिल करेंगे।हमारी अपेक्षा है कि राज्यपाल महोदय हमारी भावनाओं को केंद्र सरकार तक पहुंचाएंगे।
लोक निर्माण मंत्री अशोक चव्हाण ने कहा कि झूठे मामलों में फंसा कर हमारे नेतृत्व को दबाया जा रहा है लेकिन हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। हमने इस मार्च के माध्यम से अपनी मजबूत भावनाओं को व्यक्त किया है। राज्यपाल से हमारी अपील है कि वे हमारी भावनाओं को केंद्र सरकार तक पहुंचाएं। हैंगिंग गार्डन से निकले कांग्रेस के इस मोर्चे को पुलिस ने राजभवन के करीब रोक लिया। बाद में पुलिस ने सभी प्रमुख नेताओं को हिरासत में लेने के बाद उन्हें आजाद मैदान पुलिस स्टेशन लेकर चली गई।