By अंकित सिंह | Apr 07, 2025
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सोमवार को बेगूसराय में कांग्रेस की छात्र शाखा (एनएसयूआई) की 'पलायन रोको नौकरी दो' रैली में शामिल हुए। रैली का नेतृत्व एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार कर रहे हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता बाद में पटना में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। राहुल गांधी तीन महीने में तीसरी बार सोमवार को बिहार पहुंचे, क्योंकि पार्टी इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ईबीसी, दलित और मुस्लिम वोटों को एकजुट करने के अपने प्रयासों को आगे बढ़ा रही है।
कन्हैया को खास तौर पर तब बड़ी बढ़त मिल सकती है जब गांधी उनके गृहनगर में उनकी यात्रा में शामिल होंगे। उनके नेतृत्व के लिए पार्टी का जोर यह दर्शाता है कि वह अपने प्रमुख गठबंधन सहयोगी आरजेडी की छाया से बाहर आने की कोशिश कर रही है। बिहार में कांग्रेस के तीन सांसद और 19 विधायक हैं। कांग्रेस संविधान बचाओ बैठकों के माध्यम से ईबीसी, दलितों और मुसलमानों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, लेकिन मुख्य ध्यान ईबीसी पर ही है। बिहार की आबादी का 36.1 प्रतिशत हिस्सा ईबीसी है, जो राज्य का सबसे बड़ा सामाजिक समूह है। कांग्रेस ने संविधान बचाओ बैठकों में इस समूह के दलित नायकों को याद करने का एक बिंदु बनाया है।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा ने कहा कि उनके बिहार आने से कोई असर नहीं पड़ेगा। वे आए हैं और भ्रम फैलाएंगे। बिहार में नीतीश कुमार और पीएम मोदी की सरकार है। उन्हें 'भगवा' रंग से नफरत है और इसलिए वे सफेद टी-शर्ट पहनते हैं। केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने तंज सकते हुए कहा कि राहुल गांधी बिहार आए हैं। वे जहां भी जाते हैं, सबसे पहले अपने गठबंधन और अपनी पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी करते हैं। यहां वे तेजस्वी यादव के लिए मुश्किलें खड़ी करने आए हैं...लालू जी की पार्टी ने जंगल राज स्थापित किया। बिहार की जनता ने भ्रष्ट लोगों को नकार दिया है। वे विकास चाहते हैं।