Ganga की सफाई पर Raj Thackeray ने उठाए सवाल, पूछा- कौन जाकर उसमें पवित्र डुबकी लगाएगा?

By एकता | Mar 09, 2025

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने गंगा नदी की स्वच्छता और उसके पानी की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि वे नदी में पवित्र डुबकी नहीं लगाएंगे। ठाकरे ने यह टिप्पणी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के 19वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में की। उन्होंने लोगों से अंधविश्वास से बाहर आने और अपने दिमाग का सही इस्तेमाल करने की अपील की।

इसे भी पढ़ें: Baba Ramdev ने टैरिफ को लेकर Donald Trump पर साधा निशाना, California में हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की निंदा की

इशारों-इशारों में ठाकरे ने यह भी कहा कि उन्होंने लोगों के शरीर को रगड़ते और गंगा में स्नान करते हुए वीडियो देखे हैं। उन्होंने कहा कि देश की हर नदी प्रदूषित है, जबकि विदेशों में ऐसी नदियां साल भर साफ रहती हैं। मनसे प्रमुख ने कहा, 'आस्था का भी कुछ मतलब होना चाहिए। देश में एक भी नदी साफ नहीं है, लेकिन हम उसे मां कहते हैं। विदेशों में नदी को मां नहीं कहा जाता, लेकिन वह पूरी तरह साफ रहती है और हमारी सभी नदियां प्रदूषित हैं। कोई उसमें नहा रहा है या कपड़े धो रहा है।'

इसे भी पढ़ें: काम नहीं आई माफी, स्पेशल हॉलिडे कोर्ट ने Gaurav Ahuja और Bhagyesh Oswal को पुलिस हिरासत में भेजा

मनसे प्रमुख ने कहा कि वह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के समय से सुनते आ रहे हैं कि गंगा नदी साफ हो जाएगी। उन्होंने कहा, 'दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हो रहा है। लोगों को इस आस्था और अंधविश्वास से बाहर आना चाहिए और अपने दिमाग का सही इस्तेमाल करना चाहिए।'

ठाकरे की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब विपक्षी दल उत्तर प्रदेश सरकार की इस बात के लिए आलोचना कर रहे हैं कि कुंभ का पानी नहाने लायक नहीं है। हालांकि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रयागराज में संगम का पानी डुबकी लगाने और आचमन करने लायक है।

प्रमुख खबरें

US Presidential frustration: ईरान जंग पर White House में फूट, Trump ने सैन्य विकल्पों पर जताई कड़ी नाराजगी

Martina Devi Maibam ने Commonwealth Games में दिखाई चमक, Personal Best प्रदर्शन के बावजूद पदक से मामूली अंतर से चूकीं

Indian Football का ऐतिहासिक पल: Kolkata में 5 बार की World Champion Brazil से होगा भारत का महामुकाबला

FIFA World Cup Boycott की धमकी: निजी निवेश के खिलाफ UEFA सख्त, 55 सदस्य देशों ने जताई अपनी कड़ी नाराजगी