By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 05, 2026
जयपुर, पांच नवंबर राजस्थान सरकार ने जोजरी, बांडी और लूनी नदियों के बहाव क्षेत्र में बजरी के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए छह कार्य बल गठित किये हैं। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन कार्य बलों को पर्यावरण संबंधी नियमों और न्यायालयों के निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
अतिरिक्त मुख्य सचिव (खान एवं पेट्रोलियम) अपर्णा अरोड़ा ने बृहस्पतिवार को बताया कि सिरोही, सोजत सिटी, जालोर, बाड़मेर, जोधपुर और गोटन में अलग-अलग कार्य बल गठित किये गये हैं। उन्होंने बताया कि ये कार्य बल बजरी खनन पट्टाधारकों द्वारा पर्यावरण मंजूरी (ईसी) की शर्तों, उच्चस्तरीय इकोसिस्टम ओवरसाइट कमेटी, उच्चतम न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करेंगी। अरोड़ा ने बताया कि कार्य बल नदी क्षेत्र में निर्धारित अधिकतम तीन मीटर की गहराई से अधिक खनन, नदी के किनारों से निर्धारित दूरी का पालन नहीं करने और पानी की सतह से नीचे बजरी खनन जैसी गतिविधियों की नियमित जांच एवं निगरानी करेंगी।
उन्होंने बताया कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि कार्य बल को भारत सरकार के ‘सैंड माइनिंग के लिए प्रवर्तन एवं निगरानी दिशा-निर्देश-2020’ के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक कार्य बल का प्रभारी सहायक खनिज अभियंता स्तर के अधिकारी को बनाया गया है, इनके साथ भूवैज्ञानिक, खनिज कार्यदेशक और सर्वेयर स्तर के अधिकारी भी तैनात किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अन्य क्षेत्रों के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी इन कार्य बल में शामिल किया गया है।