By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 21, 2026
राजस्थान उच्च न्यायालय ने विभिन्न नगर निगमों के महापौर के चुनाव से पहले पार्षदों और उम्मीदवारों को गिरफ्तारी से तत्काल संरक्षण देने के अनुरोध वाली याचिकाओं पर रविवार देर रात सुनवाई की। राजस्थान उच्च न्यायालय के इतिहास में इस तरह का यह पहला मामला माना जा रहा है, जिसमें एक मामले की कार्यवाही सोमवार तड़के करीब दो बजे तक चली। अदालत ने हनुमानगढ़ के नौ पार्षदों और बीकानेर के एक पार्षद को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया।
वरिष्ठ अधिवक्ता सचिन आचार्य द्वारा उनकी ओर से दायर याचिका पर, उच्च न्यायालय ने अहमद की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी और निर्देश दिया कि उन्हें मतदान में भाग लेने की अनुमति दी जाए। इस मामले की सुनवाई रविवार को न्यायमूर्ति सुनील बेनीवाल ने की। याचिकाकर्ता ने कहा कि पुलिस ने अहमद को एक पुराने विवाद से जुड़े मामले के संबंध में पूछताछ के लिए समन भेजा था।
अदालत के समक्ष यह आरोप लगाया गया कि इस कदम का उद्देश्य उन्हें चुनाव में वोट डालने से रोकना है। उच्च न्यायालय ने रविवार रात करीब 11:15 बजे अहमद को गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान किया। इससे पहले दिन में, अदालत ने नागौर जिले की कुचेरा नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष व पार्षद तेजपाल मिर्धा और श्रीगंगानगर की श्रीविजयनगर नगरपालिका के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार सुशील मूंदड़ा को भी गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की थी।