जम्मू-कश्मीर में बोले राजनाथ- कुछ स्वार्थपूर्ण राजनीति की भेंट चढ़ गया यह प्रदेश, देश का एक अभिन्न अंग होने के बाद भी...

By अंकित सिंह | Oct 27, 2022

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बडगाम में भारतीय सेना द्वारा आयोजित 'शौर्य दिवस' कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज भारत की जो एक विशाल इमारत हमें दिखाई दे रही है, वह हमारे वीर योद्धाओं के बलिदान की नींव पर ही टिकी हुई है। भारत नाम का यह विशाल वटवृक्ष, उन्हीं वीर जवानों के खून और पसीने से अभिसिंचित है। रक्षा मंत्री ने कहा कि 1947 में भारत और पाकिस्तान के बीच विभाजन की कथा लिखी गई। इस कथा की रक्तिम स्याही अभी सूखी भी न थी कि पाकिस्तान द्वारा विश्वासघात की एक नई पटकथा लिखी जानी शुरू हो गई थी। विभाजन के कुछ ही दिनों के भीतर पाकिस्तान का जो चरित्र सामने आया, उसकी कभी कल्पना भी नहीं की गई थी। 

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रक्षा मंत्री ने कहा कि आज़ादी के बाद से ही, धरती का स्वर्ग कहा जाने वाला यह प्रदेश, कुछ स्वार्थपूर्ण राजनीति की भेंट चढ़ गया, और एक सामान्य जीवन जीने के लिए तरस गया था। इसी स्वार्थपूर्ण राजनीति के चलते, पूरे प्रांत को लंबे समय तक अंधेरे में रख दिया गया। उन्होंने कहा कि सबसे दुखद तो तब रहा, जब कश्मीरी पंडितों को जातिय संहार करके, उन्हें घाटी से पलायन करने पर मजबूर किया गया। समाज का प्रबुद्ध वर्ग जब अन्याय के खिलाफ़ अपना मुँह बंद कर ले, तो समाज के पतन में देरी नहीं लगती है। राजनाथ ने कहा कि यहाँ मैं श्रद्धेय श्री श्यामा प्रसाद मुखर्जी का स्मरण करता हूं, और उनकी पावन स्मृति को नमन करता हूं, जिन्होंने देश में इस व्यवस्था के खात्मे, और एक अखंड भारत के निर्माण के लिए J&K के full integration के लिए 1952 में सत्याग्रह चलाया

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