By अंकित सिंह | Sep 11, 2025
नारी शक्ति और विकसित भारत के विजन को याद करते हुए, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया से दुनिया के पहले ऐतिहासिक त्रि-सेवा महिला परिक्रमा नौकायन अभियान, समुद्र प्रदक्षिणा को वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साउथ ब्लॉक से अपने संबोधन में, रक्षा मंत्री ने इस यात्रा को नारी शक्ति, तीनों सेनाओं की सामूहिक शक्ति, एकता और संयुक्तता, आत्मनिर्भर भारत और उसकी सैन्य कूटनीति और वैश्विक दृष्टिकोण का एक ज्वलंत प्रतीक बताया।
राजनाथ सिंह ने समुद्र प्रदक्षिणा को न केवल एक जहाज़ पर की जाने वाली यात्रा, बल्कि एक आध्यात्मिक साधना और अनुशासन व दृढ़ संकल्प की यात्रा भी बताया। उन्होंने कहा, "अभियान के दौरान, हमारे अधिकारियों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन उनके दृढ़ संकल्प की लौ अंधकार को चीरती रहेगी। वे सुरक्षित घर लौटेंगे और दुनिया को दिखाएंगे कि भारतीय महिलाओं का पराक्रम किसी भी सीमा से परे है।"
रक्षा मंत्री सिंह ने हाल ही में दो भारतीय महिला नौसेना अधिकारियों लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए द्वारा हासिल की गई असाधारण उपलब्धि को याद किया, जिन्होंने साहस और समर्पण के साथ कई चुनौतियों का सामना करते हुए, एक अन्य स्वदेशी पोत, आईएनएस तारिणी पर सवार होकर, सफलतापूर्वक दुनिया की परिक्रमा की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आईएएसवी त्रिवेणी समुद्री साहसिक कार्य में एक और वैश्विक मानक स्थापित करेगी और भारत की समुद्री यात्रा में एक और स्वर्णिम अध्याय लिखेगी।