राजनाथ सिंह ने कहा- नफरत भरे भाषण देश के स्वस्थ लोकतंत्र के लिए अच्छे नहीं

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 01, 2020

पटना/नयी दिल्ली। देश में राजनीतिक विमर्श के गिरते स्तर पर चिंता जाहिर करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि ‘‘लोगों के बीच नफरत फैलाकर चुनाव लड़ा और जीता नहीं जाना चाहिए’’ और एक स्वस्थ लोकतंत्र में ‘कड़वाहट भरी और अप्रिय टिप्पणी’ की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भरोसा भी जताया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) बिहार विधानसभा चुनाव जीतेगा।

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इस बात का जिक्र किये जाने पर कि चिराग अपने चुनाव प्रचार के दौरान सिर्फ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर प्रहार कर रहे हैं, भाजपा पर नहीं, इस पर सिंह ने कहा, ‘‘व्यक्तिगत द्वेष स्वस्थ राजनीति के लिए अच्छा नहीं है। इससे दूर रहना चाहिए और मैं खुद इस तरह की राजनीति नहीं करता। ’’ सभी राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा एक दूसरे के खिलाफ नफरत भरे बयान देने और व्यक्तिगत टिप्पणी किए जाने पर चिंता जाहिर करते हुए सिंह ने कहा, ‘‘स्वस्थ राजनीति में नफरत के लिये कोई जगह नहीं है और लोगों के बीच नफरत फैलाकर चुनाव लड़ा और जीता नहीं जाना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘एक दूसरे के खिलाफ कटुता, अप्रिय टिप्पणी और व्यक्तिगत आक्षेप लगाने से बचना चाहिए। यह स्वस्थ राजनीति के लिए अच्छा नहीं है। इसके बजाय चर्चा, बहस और यहां तक कि जनहित के मुद्दों पर तर्क-वितर्क होना चाहिए। ’’ सिंह ने बिहार में दर्जन भर से अधिक चुनावी रैलियों को संबोधित किया है और आने वाले दिनों में कई और रैलियों को संबोधित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जनसभाओं में जो प्रतिक्रिया उन्हें देखने को मिली है, वह इस बारे में मजबूत संकेत देती है कि भाजपा-जद(यू) गठबंधन राज्य में चुनाव जीतने जा रहा है।

सिंह ने कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार नेराजनीति में विश्वसनीयता के संकट को खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा , ‘‘वहीं दूसरी ओर,चाहे वह बिहार हो या राष्ट्रीय स्तर पर हो, विपक्ष के पास विश्वसनीयता का अभाव है क्योंकि वह हमेशा ही अपने वादों को पूरा करने में नाकाम रहा है। ’’

राजद नेता एवं महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव की रैलियों में जनसैलाब उमड़ने के विषय पर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भाजपा नेताओं की जनसभाओं में भी भारी भीड़ जुट रही है। किसी एक पार्टी या उसके नेताओं की जनसभाओं के बारे में बढ़ा -चढ़ा कर बोलना सही नहीं होगा। यह पूछे जाने पर कि कुछ पुराने सहयोगी दलों के गठबंधन छोड़ने से क्या राजग सिकुड़ रहा है, सिंह ने कहा, ‘‘जो राजग छोड़कर चले गए वे अपने कारणों से गए। राजनीति में आप नहीं जानते कि कब कोई आपका सहयोगी बन सकता है। ’’ क्या राजग से बाहर हो चुके दलों के लिए अब भी उसके दरवाजे खुले हैं, इसके जवाब में सिंह ने कहा, ‘‘जो भारत के विकास में योगदान देना चाहते हैं उनके लिए राजग के दरवाजे हमेशा खुले हुए हैं।

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