By अंकित सिंह | Oct 18, 2022
गांधीनगर में 'मंथन' समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि गुजरात से लेकर असम और कश्मीर से कन्याकुमारी तक हमारे देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। इसके साथ ही रक्षा मंत्री ने कहा कि उन्हें पहचानने, परिष्कृत करने और राष्ट्र की प्रगति से जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हम सभी अवगत हैं, भारत आज दुनिया का सबसे युवा देश है। केवल जनसांख्यिकीय दृष्टि से ही नहीं, बल्कि अपने मन से भी। इसकी सोच नई है। इसके लक्ष्य नए हैं। ऐसे में नए उद्देश्यों की ओर ले जाने वाली राहें भी नई हों, यह समय की सबसे महत्वपूर्ण मांग थी।
राजनाथ ने दावा किया कि पिछले 7-8 सालों में देश की मानसिकता में एक बड़ा परिवर्तन हुआ है। आज राष्ट्र, साधन से अधिक, साध्य पर ध्यान दे रहा है। समस्या से अधिक, समाधान पर ध्यान दे रहा है। जब मंजिल पर हमारा ध्यान होता है, लक्ष्य पर हमारा ध्यान होता है, तो माध्यम अपने आप निकलने लगते हैं। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे हमारा देश आगे बढ़ रहा है, लगातर आर्थिक प्रगति कर रहा है, इस बात की आवश्यकता भी बढ़ रही है, कि हमारी security भी और अधिक मज़बूत हो, आत्मनिर्भर हो।