Rajnath Singh बोले रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बाहरी निर्भरता रोकने के लिए जरूरी

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 03, 2026

नयी दिल्ली, तीन नवंबर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि भारत के ‘आत्मनिर्भरता’ के प्रयास को प्रौद्योगिकीय संप्रभुता हासिल करने के उपक्रम के रूप में समझना चाहिए। सिंह ने जोर देकर कहा कि आत्मनिर्भरता का अर्थ यह सुनिश्चित करना है कि रक्षा क्षेत्र की महत्वपूर्ण जरूरतें बाहरी निर्भरता की बंधक न बनें। यहां एक ‘थिंक टैंक’ द्वारा आयोजित ‘दिल्ली डिफेंस डायलॉग’ को संबोधित करते हुए सिंह ने युद्ध में प्रौद्योगिकी के महत्व को भी रेखांकित किया।

रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘आत्मनिर्भरता को प्रौद्योगिकीय संप्रभुता हासिल करने की दिशा में किए गए उपक्रम के रूप में समझा जाना चाहिए। इसका अर्थ यह नहीं है कि हम हर चीज का उत्पादन खुद करें... इसका अर्थ यह सुनिश्चित करना है कि रक्षा क्षेत्र की हमारी महत्वपूर्ण जरूरतें बाहरी निर्भरता की गुलाम न बनें।’’ उन्होंने यह भी आगाह किया कि सहयोग के बिना आत्मनिर्भरता हमारी प्रौद्योगिकीय संभावनाओं को सीमित कर सकती है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता से स्वदेशी क्षमताएं मजबूत होनी चाहिए और सह-विकास को बढ़ावा मिलना चाहिए।

प्रमुख खबरें

IOA Athletes Commission: पीवी सिंधू और मीराबाई चानू समेत 10 खिलाड़ी निर्विरोध चुने गए

जीत से महज 80 KM दूर अंसारुल्लाह, लश्कर देख सऊदी की अटकी सांस

Bhupesh Baghel को Supreme Court से झटका, चुनाव याचिका पर दायर अर्जी खारिज

भारत में 3 बड़ी National Airlines की जरूरत, Adani Airports करेगा 11 अरब डॉलर निवेश