By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 15, 2026
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। यहाँ की प्रसिद्ध और सदियों पुरानी भैरव यात्रा को आधिकारिक तौर पर भारत की राष्ट्रीय अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल कर लिया गया है। इस गौरवशाली मान्यता पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने राजौरी प्रशासन और जम्मू-कश्मीर के संस्कृति विभाग को उनकी मेहनत के लिए बधाई दी है और इसे गौरव का क्षण बताया है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए इसे राजौरी के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रतिष्ठित मान्यता क्षेत्र की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के दस्तावेजीकरण, संरक्षण और इसके उत्सव को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने इसे उन पीढ़ियों के श्रद्धालुओं के समर्पण का सम्मान बताया जिन्होंने इस परंपरा को आज तक जीवित रखा है।
उपराज्यपाल के अनुसार, इस सूची में शामिल होने से राष्ट्रीय स्तर पर राजौरी की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और भी अधिक मजबूत होगी। इससे न केवल शोध और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के नए रास्ते खुलेंगे, बल्कि क्षेत्र में विरासत पर्यटन को भी काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।