Rajouri Terror Attack ने जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद समाप्त होने के मोदी सरकार के दावों की पोल खोली

By नीरज कुमार दुबे | Jan 02, 2023

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के डांगरी गांव में रविवार की शाम संदिग्ध आतंकवादियों ने हिंदुओं के तीन मकानों पर गोलीबारी की जिसमें चार लोग मारे गये और छह अन्य घायल हो गये। इसके साथ ही आतंकवादियों ने हिंदुओं के मकानों के नजदीक जो आईईडी छोड़ा था उसमें विस्फोट हो जाने से एक बच्चे की मौत हो गई जबकि चार अन्य घायल हो गए। इस तरह डांगरी गांव में हुए आतंकवादी हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गयी है। इस बीच, यह भी खबर है कि एनआईए को इस मामले की जांच का काम सौंपा गया है और उसका एक दल घटनास्थल के लिए रवाना भी हो गया है।

जहां तक डांगरी गांव में हुए हमले की बात है तो हम आपको बता दें कि घाटी के मुकाबले बेहद शांत रहने वाले जम्मू क्षेत्र में पिछले कई वर्षों में यह पहला ऐसा हमला है। नये साल के पहले दिन हुई इस घटना ने जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद समाप्त करने के सरकार के दावों पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिये हैं। इस घटना के बारे में प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से अधिकारियों ने बताया है कि रविवार शाम करीब सात बजे दो संदिग्ध आतंकवादी गांव के पास आए और तीनों मकानों पर अंधाधुंध गोलियां चलाने के बाद भाग गए। एक अधिकारी ने बताया, ‘‘गोलीबारी 10 मिनट के भीतर बंद हो गई। पहले उन्होंने अपर डांगरी में एक मकान पर गोलियां चलाई और फिर 25 मीटर दूर हटने के बाद वहां कई अन्य लोगों को गोलियां मारीं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों ने गांव से भागने से पहले दूसरे मकान से करीब 25 मीटर की दूरी पर स्थित और एक मकान पर गोलियां चलायीं। उन्होंने बताया कि गोलीबारी में कुल 10 लोग घायल हुए जिनमें से तीन लोगों को सरकारी मेडिकल कॉलेज, राजौरी के चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं हेलीकॉप्टर से तीन घायलों को जम्मू ले जाया जा रहा था, जिनमें एक की रास्ते में ही मौत हो गई। उधर, प्रत्यक्षदर्शियों ने आतंकी घटना के बारे में जो बताया उसे सुनकर लोग सहम गये।

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इस बीच, डांगरी हमले और आईईडी विस्फोट के विरोध में राजौरी शहर पूरी तरह से बंद रहा। वहीं, जम्मू में लोगों ने प्रदर्शन कर आतंकवाद को प्रश्रय देने वाले पाकिस्तान पर एक और सर्जिकल स्ट्राइक की मांग की है। लोगों ने कहा कि पाकिस्तान के कारण हम चैन से नहीं जी पा रहे हैं इसलिए उसे अब बड़ा और कड़ा सबक सिखाये जाने का समय आ गया है।

वहीं इस मामले में रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि 3 हिंदुओं के घरों पर हमला करने का मकसद उस इलाके में हिंदुओं में खौफ पैदा करना था। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि भारत सरकार को अल्पसंख्यकों को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस तरह के इरादे सफल नहीं हों।

हम आपको यह भी बता दें कि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि डांगरी गांव में हुए आतंकी हमले में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने इस घटना में मारे गए नागरिकों के परिजनों को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। मनोज सिन्हा ने कहा कि अधिकारियों को घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

वहीं, इस मामले को लेकर राजनीति भी शुरू हो गयी है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि ये बहुत दुख की बात है कि आतंकवाद अभी भी इस रियासत में चल रहा है। उन्होंने कहा कि बेगुनाहों को मारा जा रहा है। पूरे देश में जिस तरह की नफरत फैलाई जा रही है, ये उसी का नतीजा है। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि आज मुसलमान को अलग और हिंदुओं को अलग खड़ा किया जा रहा है। कौन जिम्मेदार है? कौन नफरत फैला रहा है?... इस पर गृह मंत्रालय में रास्ता निकालने कि जरूरत है। वहीं जम्मू-कश्मीर भाजपा अध्यक्ष रविंद रैना ने कहा है कि आतंकवादियों को बख्शा नहीं जायेगा और हमलावरों को जल्द ही मार गिराया जायेगा।

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