By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 04, 2026
लखनऊ, चार अगस्त उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के सदस्यों ने सदन में हंगामा किया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने बार-बार अनुरोध के बाद भी सदस्यों के हंगामा जारी रखने पर कार्यवाही को दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक के लिए स्थगित कर दिया। सत्र की शुरुआत होते ही नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने सदन की सारी कार्यवाही रोककर राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले पर चर्चा कराने की मांग की।
इस बीच संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग आज आस्था और भगवान राम की बात कर रहे हैं, उन्होंने 1990 में रामभक्तों पर गोलियां चलवाई थीं और राम मंदिर निर्माण में बाधाएं खड़ी की थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण रुकवाने के लिए उच्चतम न्यायालय में कई अधिवक्ताओं को भी खड़ा किया गया था। खन्ना ने कहा कि राम मंदिर के कथित चढ़ावा विवाद की जांच जारी है और मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है।
इसलिए इस विषय पर सदन में चर्चा नहीं कराई जा सकती। इस दौरान सपा सदस्यों ने ‘‘चंदा चोरी और चढ़ावा चोरी’’ के मुद्दे पर नारेबाजी और तेज कर दी। अध्यक्ष महाना ने कहा, ‘‘जिन लोगों ने चंदा दिया, वे उसकी रसीद लेकर आ जाएं।
धार्मिक आस्था पर चोट करना उचित नहीं है।’’ उन्होंने सपा के शाहिद मंजूर और जाहिद बेग सहित अन्य सदस्यों का नाम लेते हुए कहा कि यह अच्छी बात है कि वे भी अब राम मंदिर की चिंता कर रहे हैं। महाना ने सपा सदस्यों से कहा, ‘‘जब मैंने सभी विधायकों से अयोध्या स्थित राम मंदिर चलने का आग्रह किया था, तब आप लोग नहीं गए थे।’’ लगभग 10 मिनट तक हंगामा जारी रहने और विपक्षी सदस्यों के शांत नहीं होने पर विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 12 बजकर 20 मिनट तक के लिए स्थगित कर दी। इसके बाद सपा के सदस्य अध्यक्ष के आसन के समक्ष धरने पर बैठ गए।