By अंकित सिंह | Jul 09, 2026
आरोपियों से पूछताछ जारी रहने के बीच, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को अयोध्या राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित गड़बड़ियों को लेकर बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे सनातन धर्म में महापाप बताया और मंदिर ट्रस्ट के पूरी तरह से पुनर्गठन की मांग की। लखनऊ में आध्यात्मिक गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के कार्यक्रम में उनसे मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए यादव ने कहा कि अयोध्या में उन्होंने अपने स्वार्थ के लिए भगवान श्री राम की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने 'महापाप' किया है।
उन्होंने कहा कि यह SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) क्या है? यह सिर्फ़ लीपा-पोती है। यह SIT किसने बनाई? मैंने सुना है कि इसके एक सदस्य पर खुद धोखाधड़ी (धारा 420) के आरोप हैं। ऐसा व्यक्ति जांच कैसे कर सकता है? यह एक बड़ा मामला है जिसमें BJP के बड़े नेता शामिल हैं। यादव ने आरोप लगाया कि इस विवाद में BJP के एक सीनियर नेता द्वारा नकली डोनेशन कूपन छापने का मामला शामिल है। उन्होंने कहा कि BJP के एक बड़े नेता द्वारा नकली डोनेशन कूपन/रसीदें छापने का मामला सामने आया था। मैं नाम नहीं लूंगा, लेकिन अब परतें खुल रही हैं। इससे न सिर्फ़ देश की छवि खराब होती है, बल्कि इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट भी रुकेगा।
यादव ने इस कथित घोटाले को लेकर मंदिर ट्रस्ट के ट्रेज़रर के इस्तीफ़े की मांग की। उन्होंने अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वे विपक्ष को निशाना बना रहे हैं जबकि उनकी पार्टी की शिकायतों को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं। साथ ही, उन्होंने कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDRs) जारी करने की भी मांग की और दावा किया कि इनसे ज़्यादातर BJP सदस्य ही फंसेंगे।
देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।