Ram Mandir Donation Scam: SIT रिपोर्ट आई, कब होगी कार्रवाई? चढ़ावा चोरी पर UP सरकार के सामने क्या खुलासा हुआ

By अभिनय आकाश | Jun 23, 2026

एसआईटी ने अपनी जांच प्रीलिमिनरी इंक्वायरी पूरी की और उन्होंने एसीएस होम को राज्य के यह रिपोर्ट दी है। अब ये जो राज्य के एसीएस होम हैं यह असल में एक्स ऑफिशियो मेंबर भी हैं राम मंदिर ट्रस्ट के।  भगवान के घर में वो भी सनातन के इतने बड़े प्रतीक राम जन्मभूमि में बने हुए राम मंदिर जिसकी प्रतीक्षा सदियों सदियों की गई। वहां पर इस तरह की गड़बड़ करने वाले छोड़े नहीं जाएंगे। राम मंदिर चढ़ावा चोरी की एसआईटी ने यूपी सरकार को रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में दान निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। यह जो दान दिया जाता था उसकी जिस तरीके से निगरानी होती थी उसकी जो गणना होती थी उसको लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। सरकार को ये रिपोर्ट दी गई। रिपोर्ट में कुछ कर्मचारियों पर एफआईआर की सिफारिश की गई है। कुछ कर्मचारियों पर फर्स्ट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट उनके खिलाफ दर्ज होनी चाहिए।

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इस रिपोर्ट में बड़ी बातें क्या-क्या हैं?

अपर प्रमुख सचिव हैं एसीएस होम संजय प्रसाद उन्हें यह रिपोर्ट सौंपी गई।  वैसे तो यह रिपोर्ट गोपनीय है लेकिन सूत्रों के माध्यम से यह बताया जा रहा है कि 140 पन्नों की यह रिपोर्ट है और इसमें कुछ एक बातें बहुत महत्वपूर्ण है। कुछ एक चीजें उससे निकल कर जो सामने आई है। सवाल है कि दान राशि की गणना कैसे होती थी? उनकी निगरानी के लिए व्यवस्था क्या थी? आंतरिक व्यवस्था के लिए जिम्मेदार जो लोग थे वो कौन-कौन थे? यह इस एसआईटी रिपोर्ट में 140 पन्नों की इस रिपोर्ट में यह सब कुछ समाहित है। गणनाकर्मियों का चुनाव कैसे किया जाता था? ट्रस्ट सदस्य गणनाक कर्मियों के बीच में कनेक्शन था या नहीं था और अगर कनेक्शन था तो किस तरीके का था? यह भी इसमें समाहित है। विस्तृत जांच के लिए अतिरिक्त समय चाहिए। अभी यह जांच बहुत शुरुआती है और अगर जांच को आगे बढ़ाना बढ़ाना है तो इसमें अतिरिक्त समय चाहिए होगा। यह इतनी जल्दी नहीं हो सकता। यह भी इसमें कहा गया है और यह भी कहा गया है कि जांच के लिए सहयोगी अधिकारियों की संख्या बढ़ानी पड़ेगी। मतलब इसमें और भी ऑफिसर्स लगाने पड़ेंगे। इसमें सिफारिश यह भी की गई है कि कुछ कर्मियों के खिलाफ एफआईआर रजिस्टर होना चाहिए। फर्स्ट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट दर्ज की जानी चाहिए। केस चलना चाहिए। मुकदमा शुरू होना चाहिए। सिफारिश इस बात की भी इसमें की गई है। 

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