By अभिनय आकाश | Jun 20, 2026
अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान के पैसे के गलत इस्तेमाल के आरोपों की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जांच का दायरा कैश गिनने की प्रक्रिया से आगे बढ़ा दिया है और अब वह मंदिर के पुजारियों और मंदिर प्रशासन के सदस्यों से पूछताछ कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने शुक्रवार को चल रही जांच के सिलसिले में अनिल मिश्रा से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की। जांचकर्ताओं को दान और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को संभालने से जुड़े स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs) के पालन में कमियां मिली हैं। SIT ने यह भी पाया है कि मंदिर परिसर में काम करने वाले कई लोगों को आधिकारिक आदेशों के ज़रिए स्पष्ट जिम्मेदारियां नहीं सौंपी गई थीं। इसके बजाय, कई कामकाज से जुड़े फैसले ज़ुबानी निर्देशों के आधार पर लिए जा रहे थे, जिससे जवाबदेही और निगरानी को लेकर चिंताएं पैदा हो रही हैं।
शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का बचाव किया और विपक्षी पार्टियों पर अयोध्या और मंदिर की छवि खराब करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि ये पार्टियां कभी नहीं चाहती थीं कि अयोध्या को अहमियत मिले, क्योंकि उनमें खुद ऐसा बदलाव लाने की सोच और काबिलियत नहीं थी। अयोध्या में अलग-अलग कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "अयोध्या, राम मंदिर और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। लोगों को ऐसी साजिशों का शिकार नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर ही SIT जांच के आदेश दिए गए थे और भरोसा दिलाया कि जांच से पूरी सच्चाई सामने आएगी। आदित्यनाथ ने कहा कि ट्रस्ट के अनुरोध पर हमने SIT जांच के आदेश दिए हैं। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि यह जांच पूरी सच्चाई सामने लाएगी। इसमें कोई शक नहीं है।