Yes Milord: रामदेव, पतंजलि और कोर्ट कचहरी, रूह अफ़ज़ा के बाद अब च्यवनप्राश को लेकर मचा नया बवाल क्या है?

By अभिनय आकाश | Jul 04, 2025

रामदेव, पतंजलि और कोर्ट कचहरी ये तीनों तो नामों एक साथ नत्थी हो गए हो। विज्ञपनों, शिकायतों और कोर्ट से परी डांट का एक पुराना पैटर्न है। इतनी बार दोहराया गया कि दुनिया एक मैट्रिक्स है और हम एक लूप में फंसे हुए है वाली रील बन जाए। इस बार डाबर का चवनप्रास केंद्र में है। दिल्ली हाई कोर्ट ने पतंजलि को हिदायत दी है कि डाबल चवनप्रास के खिलाफ भ्रामक और अपमानजनक विज्ञापन फैलाना बंद करें। डाबर ने शिकायत की थी कि पतंजलि आजतन अपराधी है। 

14 जुलाई को सुनवाई

दिल्ली हाई कोर्ट ने डाबर च्यवनप्राश के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक विज्ञापन प्रसारित करने से पतंजलि पर रोक लगा दी। जस्टिस मिनी पुष्करणा की पीठ ने पतंजलि को विज्ञापन प्रसारित करने से रोकने का अनुरोध करने वाली डाबर की अंतरिम याचिका को स्वीकार कर लिया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 14 जुलाई की तारीख तय की है। 

पतंजलि और कोर्ट कचहरी

गौरतलब है कि पतंजलि इससे पहले शरबत के अपने विज्ञापन को लेकर भी हाईकोर्ट की सख्ती का सामना कर चुका है। उस विज्ञापन में स्वामी रामदेव ने रूह अफजा को शरबत जिहाद बताया था। इसके खिलाफ ये शरबत बनाने वाली कंपनी हमदर्द कोर्ट चली गई। दिल्ली हाईकोर्ट ने इसपर पतंजलि को सख्त आदेश दिया जिसके बाद कंपनी को अपना वो विज्ञापन भी वापस लेना पड़ा था। 

प्रमुख खबरें

UNGA में भारत का Shehbaz Sharif पर पलटवार, पाकिस्तान को कठपुतली शासन बताते हुए दी चेतावनी

पूर्व PM Manmohan Singh की जयंती पर Mallikarjun Kharge ने दी श्रद्धांजलि, आर्थिक सुधारों को सराहा

Asian Games Squash: Joshna Chinappa और सेंथिलकुमार को मिक्स्ड डबल्स में मिला कांस्य पदक

CEC Gyanesh Kumar पर कांग्रेस के आरोप, Supreme Court से स्वतः संज्ञान लेने की मांग