By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 17, 2022
बाबा रामदेव ने शुक्रवार को कहा कि पतंजलि समूह लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) या मवेशियों में ढेलेदार त्वचा रोग का समाधान खोजने पर काम कर रहा है। इस बीमारी से लगभग एक लाख गायों की मौत हुई है। रामदेव ने सुझाव दिया कि सरकार को इस बीमारी के बारे में जागरूकता पैदा करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बीमारी ‘‘पाकिस्तान से आई हो सकती है।’’ उन्होंने कहा कि सरकार को इस बात की भी जांच करनी चाहिए कि यह बीमारी देश में कैसे आई और कई राज्यों में कैसे फैल गई।
पशुपालन विभाग द्वारा रखे जाने वाले आंकड़ों के अनुसार, इस बीमारी ने 197 जिलों में 16.42 लाख मवेशियों को प्रभावित किया है और जुलाई से 11 सितंबर, 2022 के बीच 75,000 मवेशियों की मौत हुई है। एलएसडी एक संक्रामक वायरल बीमारी है जो मवेशियों को प्रभावित करती है और उनमें बुखार, त्वचा पर गांठ का कारण बनती है और इससे मृत्यु भी हो सकती है। यह रोग मच्छरों, मक्खियों, जुओं और ततैयों द्वारा मवेशियों के सीधे संपर्क में आने और दूषित भोजन और पानी के माध्यम से फैलता है।