By दिव्यांशी भदौरिया | Jan 04, 2025
टेक्नोलॉजी आने के बाद इसके कई नुकसान भी देखने को मिलते है। आजकल हैकर्स लोगों का डेटा चोरी करके या हैकिंग जरिए ठगाई का काम कर रहे हैं। ऐसे में भारत में रैनसमवेयर अटैक एक साल में 55 फीसदी का इजाफा हुआ है। पिछले साल ही भारत में 98 रैनसमवेयर अटैक हुए हैं और सबसे ज्यादा अटैक मई और अक्टूबर महीने में हुए है। जानकारी मुताबिक, हाल ही में रिलीज हुए, 'Ransomware Trends 2024: Insights for Global Cybersecurity Readiness' से मिली है। इस रिपोर्ट को CyberPeace ने जारी की है जो कि एक साइबर सिक्योरिटी एजेंसी है।
हालिए रिपोर्ट में बताया गया है कि 'किलसेक' सबसे प्रमुख खतरा था, जबकि 'लॉकबिट3' दूसरा सबसे खतरा बनकर उभरा। अन्य समूहों जैसे रैनसमहब, डार्कवॉल्ट और क्लॉप ने मध्यम स्तर की गतिविधियां दर्ज की गई है।
भारत में रैनसमवेयर से प्रभावित सेक्टर
भारत में जितने भी औद्योगिक क्षेत्र सबसे अधिक टारगेट किया जा रहा है, जो कुल घटनाओं का 75% था। हेल्थकेयर सेक्टर (12%) और वित्तीय क्षेत्र (10%) सबसे अधिक प्रभावित हुए। वहीं, सरकारी क्षेत्र पर सबसे कम प्रभाव पड़ा, यहां पर सिर्फ 3% घटनाएं हई है। इससे पता चलता है कि साइबर सुरक्षा उपाय औद्योगिक क्षेत्र में जरुरी है। इसके साथ ही हेल्थकेयर, वित्तीय और सरकारी डोमेन में कमजोरियों को भी दूर करना जरूरी है।