By रेनू तिवारी | Oct 22, 2026
बॉलीवुड और दक्षिण भारतीय सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री रश्मिका मंदाना (Rashmika Mandanna) ने हिंदी फिल्मों में अपने संवाद बोलने के तरीके और साउथ इंडियन लहजे (Accent) को लेकर हो रही आलोचनाओं का बेबाकी से जवाब दिया है। रश्मिका का कहना है कि जब वे मूल रूप से दक्षिण भारत से हैं, तो उनसे यह उम्मीद रखना कि उनकी भाषा या आवाज़ में दक्षिण भारतीय प्रभाव न दिखे, पूरी तरह से गलत सोच है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी ट्रॉलिंग या टिप्पणियों के डर से वे अपनी भाषा या फिल्मों के चयन को कभी सीमित नहीं करेंगी। रश्मिका ने यह बात चैट शो 'कॉफी विद करण' (Koffee With Karan) सीज़न 9 के हालिया एपिसोड में कही, जहाँ वे अपने पति और अभिनेता विजय देवरकोंडा (Vijay Deverakonda) के साथ नज़र आई थीं।
सोशल मीडिया पर रश्मिका के हिंदी संवाद बोलने के तरीके पर अक्सर चर्चा होती रही है, जहाँ कुछ दर्शक उनके लहजे पर सवाल उठाते हैं। 2025 में रिलीज़ हुई हॉरर-कॉमेडी 'थम्मा' और 2026 में आई 'कॉकटेल 2' के बाद यह चर्चा फिर से शुरू हो गई। 'एनिमल', 'छावा' और 'सिकंदर' जैसी फिल्मों में उनके अभिनय पर भी कुछ ऐसी ही प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं।
रश्मिका ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि दक्षिण भारतीय लहज़े को समस्या क्यों माना जाता है। उन्होंने कहा, "मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं थी कि लोग कहते हैं कि मेरा लहज़ा दक्षिण भारतीय है, क्योंकि मैं दक्षिण भारत से ही हूँ। तो ज़ाहिर है, मेरी आवाज़ में वह लहज़ा होगा ही। ऐसा न सोचना ही गलत है।" अभिनेत्री ने कहा कि अगर किसी निर्देशक को लगता है कि किसी और कलाकार की आवाज़ उनके किरदार पर ज़्यादा बेहतर लगेगी, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी। हालाँकि, अब तक उनके निर्देशकों ने यही चाहा है कि वह खुद ही अपने किरदारों के लिए डबिंग करें।
उन्होंने कहा, "मैं जिस भी फिल्म में काम करती हूँ, अपने निर्देशकों को यह विकल्प देती हूँ। मैं उनसे कह देती हूँ कि अगर वे किसी और से डबिंग करवाना चाहें, तो मुझे बुरा नहीं लगेगा। लेकिन मेरे किसी भी निर्देशक ने ऐसा नहीं चाहा। वे चाहते थे कि मैं खुद ही डबिंग करूँ। यह मेरे लिए गर्व की बात थी, क्योंकि इतनी सारी भाषाओं में डबिंग करने के लिए बहुत मेहनत लगती है। अगर मैं ऐसा कर सकती हूँ, तो इससे बेहतर और क्या हो सकता है।"
रश्मिका ने बताया कि अपने पूरे करियर के दौरान उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है—चाहे वह उनके अभिनय, काम, भाषा या लहज़े को लेकर हो। उन्होंने आगे कहा कि वह नहीं चाहतीं कि ऐसी प्रतिक्रियाओं की वजह से उनके विकल्प सीमित हो जाएं। उन्होंने कहा, “जब से मैंने फिल्म इंडस्ट्री में काम करना शुरू किया है, तब से मुझे किसी न किसी बात के लिए आलोचना या ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा है-चाहे वह मेरी परफॉरमेंस हो, भाषा हो, एक्टिंग हो, लहजा (accent) हो या कुछ और। मैं खुद पर कोई पाबंदी नहीं लगाना चाहती थी। मैं सिर्फ एक इंडस्ट्री तक सीमित नहीं रहना चाहती थी। मैं हर तरह की इंडस्ट्री में काम करना चाहती थी। मैं सिर्फ एक भाषा नहीं बोलना चाहती थी, बल्कि सभी भाषाएं बोलना चाहती थी।”
अलग-अलग तरह के किरदार चुनना
रश्मिका ने बताया कि एक कलाकार के तौर पर खुद को चुनौती देने के लिए उन्होंने अपने करियर की शुरुआत से ही अलग-अलग तरह की फिल्मों के साथ प्रयोग करना शुरू कर दिया था। अलग-अलग व्यक्तित्व वाले किरदारों को चुनना भी इसी योजना का हिस्सा था। वह खास तौर पर 'एनिमल' और 'द गर्लफ्रेंड' में निभाए गए अपने किरदारों के बीच के अंतर को अहम मानती हैं।
उन्होंने आगे कहा, “अपने करियर की शुरुआत में ही मैंने हर तरह की फिल्में करना शुरू कर दिया था। आज, जब मैं 'एनिमल' और 'द गर्लफ्रेंड' जैसी फिल्मों का हिस्सा हूँ, तो एक एक्टर के तौर पर मुझे बहुत संतुष्टि मिलती है, क्योंकि मैं इन सभी तरह के किरदारों को निभा पा रही हूँ। 'द गर्लफ्रेंड' और 'एनिमल'—ये दोनों फिल्में एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं, लेकिन मैं दोनों का हिस्सा हूँ। मैं यही तो चाहती थी।”
अलग-अलग इंडस्ट्री में प्रोजेक्ट्स
रश्मिका के पास हिंदी और दक्षिण भारतीय सिनेमा में कई प्रोजेक्ट्स हैं। हाल ही में उन्हें होमी अदजानिया की 'कॉकटेल 2' में देखा गया था, और वह पीरियड एक्शन ड्रामा 'रणबाली' के लिए विजय देवरकोंडा के साथ फिर से काम कर रही हैं।
उनकी आने वाली फिल्मों में 'माइसा' (एक फीमेल-लीड एक्शन-एडवेंचर फिल्म) और एटली की साइंस-फिक्शन फैंटेसी फिल्म 'राका' शामिल हैं, जिसमें अल्लू अर्जुन मुख्य भूमिका में हैं। 'राका' की शूटिंग 2027 में शुरू होने की उम्मीद है।