RBI ने वित्त बाजार के महत्वपूर्ण मानदंडों के प्रशासन के लिए जारी किए दिशानिर्देश

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 27, 2019

मुंबई। रिजर्व बैंक ने वित्तीय बाजारों में इस्तेमाल होने वाले ‘महत्वपूर्ण’ मानकों के निष्पक्ष प्रबंध और प्रशान के लिए वित्तीय मानक प्रशासक (एफबीए) की स्थापना के संबंध में बुधवार को दिशानिर्देश जारी किये। यह व्यवस्था सरकारी प्रतिभूतियों, ऋण बाजार, अल्पकालिक ऋण बाजार (मनी मार्केट) तथा मुद्रा विनिमय के मामले में भारतीय मानकों पर लागू होगी। रिजर्व बैंक ने एक बयान में इसकी जानकारी दी।

ये दिशानिर्देश रिजर्व बैंक के कार्यकारी निदेशक पी. विजय भास्कर की अगुवाई में 28 जून 2013 को गठित एक समिति की रिपोर्ट पर आधारित हैं। आरबीएस जैसे बड़े वैश्विक बैंकों, वैश्विक मानक तय करने वाले निकायों तथा राष्ट्रीय नियामकों द्वारा लिबोर, यूरिबोर, तिबोर आदि जैसे कुछ प्रमुख वैश्विक मानदंड दर निर्धारकों को गलत तरीकों से प्रभावित किये जाने के खुलासे के बाद समिति का गठन किया गया था।

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रिजर्व बैंक ने कहा कि ये दिशानिर्देश विभिन्न वित्त बाजारों में मानदंड निर्धारित करने के लिये वित्तीय मानदंड निर्धारक (एफबीए) गठित करने के संबंध में हैं। उसने कहा कि देश से बाहर संचालित हो रहे एफबीए इन दिशानिर्देशों के दायरे से बाहर हैं। रिजर्व बैंक ने मसौदे में मौजूदा व्यवस्था को सामान्यत: संतोषजनक बताया लेकिन कहा कि मानदंडों की गुणवत्ता बेहतर बनाने, मानदंड निर्धारित करने का प्रारूप स्थापित करने और मानदंड निर्धारकों के नियमन के लिये कुठ कदम उठाये जाने की जरूरत है। रिपोर्ट में दीर्घकालिक कदम के तौर पर रिजर्व बैंक अधिनियम में संशोधन की भी वकालत की गयी है। इसमें कहा गया है कि मानदंड निर्धारित करने वाली एजेंसियों के लिये बाध्यकारी दिशानिर्देश जारी किये जाने चाहिये।

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