By रेनू तिवारी | Apr 17, 2026
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को बैंकिंग प्रणाली में मौजूद अतिरिक्त नकदी को संतुलित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। केंद्रीय बैंक ने सात दिवसीय परिवर्तनीय दर रिवर्स रेपो (VRRR) नीलामी के माध्यम से वित्तीय प्रणाली से अस्थायी रूप से 2,00,031 करोड़ रुपये वापस ले लिए हैं। केंद्रीय बैंक को इस नीलामी में दो लाख करोड़ रुपये की अधिसूचित राशि के मुकाबले 2,28,098 करोड़ रुपये की अधिक बोलियां मिलीं। आरबीआई ने 5.24 प्रतिशत की कट-ऑफ दर और 5.23 प्रतिशत की भारित औसत दर पर बोलियों को स्वीकार किया। परिवर्तनीय रेपो दर नीलामी आरबीआई की बैंकों में अल्पकालिक नकदी संतुलित करने के लिए उपयोग की जाने वाली एक मौद्रिक नीति पहल है।
जीएसटी भुगतान के बाद नकदी में आई कमी को पूरा करने के लिए वीआरआरआर के तहत ली गई राशि प्रणाली में वापस आएगी, जिससे अल्पकालिक ब्याज दरें नियंत्रण में रहेंगी। अप्रैल की शुरुआत में द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा था कि केंद्रीय बैंक नकदी प्रबंधन में सक्रिय और पूर्व-तैयारी वाला रुख अपनाए रखेगा तथा अर्थव्यवस्था की उत्पादक जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नकदी सुनिश्चित करेगा।